Last Indian Journalist Working In China Asked To Leave Country By End Of June Know What Is Matter

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China-India Relation: चीन में जून का महीना खत्म होने के साथ एक भी भारतीय पत्रकार नहीं होगा. चीन की ओर से वहां काम कर रहे आखिरी बचे भारतीय पत्रकार को जून महीने के खत्म होने से पहले देश छोड़ने को कहा गया है. 

चीन ने सोमवार (12 जून) को अपने पत्रकारों के साथ भारत में भेदभाव और अनुचित व्यवहार का आरोप लगाया था. रॉयटर्स की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि चीन में भारतीय न्यूज एजेंसी पीटीआई का पत्रकार ही बचा हुआ है. वो भी वीजा खत्म होने के बाद भारत आ जाएगा.

क्या है मामला?
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, 2023 की शुरुआत में भारत के चार पत्रकार चीन में थे, जिनमें से दो के वीजा फ्रीज होने की वजह से उन्हें अप्रैल में वापस भारत आना पड़ा था. वहीं, बाकी के दो पत्रकारों में से एक 11 जून को वीजा की अवधि खत्म होने के बाद देश वापस आ गया. आखिरी पत्रकार भी जून के अंत तक भारत वापस आ जाएंगे. जिसके बाद चीन में भारत का एक भी पत्रकार नहीं होगा.

चीन ने लगाए अनुचित व्यवहार के आरोप
रॉयटर्स के मुताबिक, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने सोमवार (12 जून) को आरोप लगाते हुए कहा कि हाल के कुछ वर्षों में चीन के पत्रकारों के साथ भारत में भेदभाव और अनुचित व्यवहार किया जाता है. उन्होंने दावा किया कि भारत में चीनी पत्रकारों का वीजा 2020 से स्वीकार नहीं किया गया है. जिसकी वजह से भारत में 14 की जगह अब केवल एक चीनी पत्रकार बचा है.

आरोपों पर भारत ने दिया ये जवाब
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, चीन के दावों पर भारत सरकार ने कहा कि चीनी पत्रकार देश में बिना किसी समस्या के काम कर रहे थे, लेकिन चीन में भारत के पत्रकारों के साथ ऐसा नहीं था.

रॉयटर्स के मुताबिक, बीते महीने भारत ने एससीओ के विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए चीनी पत्रकारों को अस्थायी वीजा दिए गए थे. विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने सभी विदेशी पत्रकारों को देश में काम करने की छूट है. हम आशा करते हैं कि चीन वहां भारतीय पत्रकारों को भी छूट देगा.

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