Rahul Gandhi wrote letter to President: लोकसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने अग्नि वीर योजना को बीजेपी पर हमला पर बोला है. इसी बीच अग्निवीर योजना को लेकर राहुल गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखा है. अपने इस पत्र में राहुल गांधी ने आरोप लगाया हैं कि अग्निवीरों के साथ भेदभाव हो रहा है. ऐसे में उन्हें इस पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है.
बता दें कि इससे पहले पंजाब के लुधियाना में हुई रैली के दौरान राहुल गांधी ने कहा था कि सत्ता में आने में हम सबसे पहले इस योजना को फाड़कर फेंक देंगे . ये योजना देश के लिए ठीक नहीं हैं.
राहुल गांधी ने उठाई ध्यान देने की मांग
अपने पत्र में उन्होंने अग्निवीर योजना को लेकर सवाल उठाते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लिखा, ‘आप भारत के तीनों सेनाओं की सुप्रीम कमांडर हैं. मैं इस पत्र के माध्यम से आपसे देश की सेवा में अपने प्राणों की आहुति देने कले अग्निवीरों के साथ न्याय करने तथा उन्हें मिलने वाले सम्मान और सुविधाओं में ही रहे भेदभाव को समाप्त करने की अपील कर रहा हूं. हमारी सेनाओं से जुड़े इस बेहद ही गंभीर मसले पर आपके ध्यान आकर्षण की त्वरित आवश्यकता है.’
उन्होंने अपने पत्र में आगे लिखा, ‘कुछ दिन पहले मैं पंजाब के रामगढ़ सरदारन गांव में 23 वर्षीय अग्निवीर अजय कुमार के परिवार से मिलने गया था. उन्होंने इस साल जनवरी में जम्मू-करमीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा के पास एक बारूदी सुरंग विस्फोट में सर्वोच्च बलिदान दिया था. हर भारतीय की तरह मैं भी इस त्रासदी से आहत हूं, जिसने इतनी कम उम्र में अजय की जान ले ली. इसके अलावा, मैं यह देखकर भी हैरान था कि उनका परिवार बेहद गरीबी में जीने को मजबूर है. मैं अजय की 6 बहनों और उसके माता-पिता से मिला, जो दिहाड़ी मजदूर हैं और एक कमरे के घर में रहते हैं. उनके परिवार ने अजय के जीवन के बारें में दुःख व्यक्त किया और कहानियां साझा कीं. उन्होंने सरकार की उदासीनता के बारे में भी बताया- अजय के परिवार को नियमित सैनिकों के परिवारों को मिलने वाले आजीवन लाभ या सामाजिक सुरक्षा में से कुछ भी नहीं मिला है. इसका मतलब है कि उन्हें पेंशन, चिकित्सा सुविधाएं, शिक्षा के लिए सहायता या रोजगार में वरीयता नहीं मिलेगी.’
There may be no clearer illustration of the elemental flaw within the Agnipath scheme – the creation of a ‘lesser’ cadre of troopers who’re anticipated to work on related duties with decrease pay, advantages and prospects.
My letter to Hon’ble President Smt. Droupadi Murmu on the… pic.twitter.com/GFXFGXkwOc
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 1, 2024
उन्होंने आगे लिखा, ‘सिर्फ अग्निवीर होने की वजह से देश की सेवा करने के अजय के सपने, उनकी कड़ी मेहनत और सर्वोच्च बलिदान के बावजूद, उनके परिवार की वह सम्मान और पहचान नहीं मिल पाती जो अन्य सैनिकों को मिलती है. अजय के परिवार के सामने जो दुखद स्थिति है, वह अन्याय है जिसका सामना आज हजारों अग्निवीर कर रहे हैं और भविष्य में लाखों और लोग करेंगे.
अग्निवीर सैनिकों के साथ हो रहा है सौतेला व्यवहार
उन्होंने अपने पत्र में लिखा, ‘अग्निवीर योजना में मूलभूत दोष का इससे स्पष्ट उदाहरण नहीं हो सकता है. यह अग्निवीर सैनिकों के साथ सौतेला व्यवहार है, जिनसे कम वेतन, लाभ और संभावनाओं के साथ समान कार्य करने की अपेक्षा की जाती है. यह संयोग से नहीं, बल्कि सरकार की दूर योजना का प्रयोग है. अजय जैसे गरीब परिवारों के बच्चे जो देश के लिए कुर्बान हो जा रहे हैं, बदले में उनके परिवार को देश क्या दे रहा है? यह साफ अन्याय है. यहीं कारण है कि कांग्रेस पार्टी और हमारे INDIA के सहयोगियों ने अग्रिपथ योजना का कड़ा विरोध किया है, और वादा किया है कि अगर हम सरकार बनाते हैं तो इसे निरस्त कर देंगे.’
उठाई हस्तक्षेप करने की मांग
अपने पत्र में राहुल गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से हस्तक्षेप करने की मांग उठाते हुए लिखा, ‘मैं आपसे निवेदन करता हूं कि इस मामले की गंभीरता को समझाते हुए आप हस्तक्षेप करें. मैं मानता हूं कि आमतौर पर निर्वाचित सरकार के नीतिगत मामलों में राष्ट्रपति का हस्तक्षेप नहीं होता है. अग्निवीर का मामला अपवाद की तरह देखा जाना चाहिए. आप सशस्त्र बलों और सेनाओं की सुप्रीम कमांडर हैं. आपने खुद को देशवासियों की भलाई के लिए न्यौछावर करने की शपथ ली है. क्या अग्निवीर सैनिकों के साथ हो रहा यह भेदभाव हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा नहीं करता? क्या यह हमारे युवाओं के साथ अन्याय नहीं है जो अपनी जान जोखिम में डालकर देश की सुरक्षा में बहादुरी से लगे हैं? क्या यह हमारी जिम्मेदारी नहीं है कि हम अजय के माता-पिता, बहनें और अन्य शहीद परिवारों की भलाई का ख्याल रखें?
अग्निवीर योजना पर सवाल उठाते हुए उन्होंने लिखा, ‘ अग्निवीर योजना में मूलभूत दोष का इससे स्पष्ट उदाहरण नहीं हो सकता है. यह अग्निवीर सैनिकों के साथ सौतेला व्यवहार है, जिनसे कम वेतन, लाभ और संभावनाओं के साथ समान कार्य करने की अपेक्षा की जाती है. यह संयोग से नहीं, बल्कि सरकार की क्रूर योजना का प्रयोग है. अजय जैसे गरीब परिवारों के बच्चे जो देश के लिए कुर्बान हो जा रहे हैं, बदले में उनके परिवार को देश क्या दे रहा है? यह साफ अन्याय है. यहीं कारण है कि कांग्रेस पार्टी और हमारे INDIA के सहयोगियों ने अग्रिपथ योजना का कड़ा विरोध किया है और वादा किया है कि अगर हम सरकार बनाते हैं तो इसे निरस्त कर देंगे.’
उन्होंने लिखा, ‘इन गंभीर सवालों कर जवाब केवल सकारात्मक रूप में ही दिया जा सकता है. इसलिए, मैं आपसे अपील करता है कि आप अपने प्रतिष्ठित पद का उपयोग करके अपने प्राणों की आहुति देने वाले अत्रिवीर सैनिकों के साथ न्याय करें तथा यह सुनिश्चित करें कि भारत के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी सैनिकों की समान सुविधाएं एवं सम्मान मिलेगा.’
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