NDA Meeting: बीजेपी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की मीटिंग मंगलवार (18 जुलाई) को दिल्ली में हुई. इसमें एनडीए के अन्य दलों के साथ लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के चीफ पशुपति पारस शामिल हुए.
एनडीए की बैठक के दौरान सांसद चिराग पासवान ने अपने चाचा और केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस के पैर छुए. इस पर पशुपति पारस ने भतीजे चिराग पासवान को गले लगाते हुए उन्हें आर्शीवाद दिया. चिराग पासवान ने पैरे ऐसे समय छुए हैं जब दोनों नेता हाजीपुर लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ने को लेकर अपने-अपने दावे कर रहे हैं.
चिराग पासवान और पशुपति पारस ने क्या कहा?
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, चिराग पासवान ने दिल्ली में कहा कि वह हाजीपुर से चुनाव लड़ेंगे. इस समय पशुपति पारस यहां से लोकसभा सांसद है. चिराग पासवान पर पलटवार करते हुए पशुपति पारस ने भी इस सीट पर अपना दावा किया.
VIDEO | Lok Janshakti Party (Ram Vilas) chief @iChiragPaswan touches ft of his uncle Union Minister @PashupatiParas throughout NDA assembly in Delhi. pic.twitter.com/9zad57EjIX
— Press Trust of India (@PTI_News) July 18, 2023
पशुपति पारस ने कहा कि चुनाव से इतने पहले सीट बंटवारे के मामले पर चर्चा नहीं की जाती. उन्होंने दावा किया कि दिवंगत रामविलास पासवान ने उन्हें अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी चुनते हुए हाजीपुर सीट पर चुनाव लड़ने के लिए कहा था.
दरअसल पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान मौत के बाद उनकी लोक जनशक्ति पार्टी दो गुट में बंट गई थी. इसमें एक गुट का प्रतिनिधित्व चिराग पासवान तो दूसरे का पशुपति पारस कर रहे हैं.
क्या चिराग पासवान करेंगे सुलह?
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक अपने चाचा के साथ सुलह की संभावना के बारे में पूछे जाने पर चिराग पासवान ने कहा कि पशुपति पारस उनके लिए पिता की तरह हैं, लेकिन उन्होंने फिर पारस की टिप्पणियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे मुझे दुख हुआ.
मीटिंग में कौन से दल शामिल हुए?
न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि एनडीए की बैठक में बीजेपी के अलावा, शिवसेना (शिंदे), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार), राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (पशुपति कुमार पारस), अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक), अपना दल (सोनेलाल), नेशनल पीपुल्स पार्टी, नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी, ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन, सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा, मिज़ो नेशनल फ्रंट, इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा, नगा पीपुल्स फ्रंट और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले) के नेता शामिल हुए.
इनके अलावा मीटिंग में असम गण परिषद, पट्टली मक्कल काची (अंबुमणि रामदास), तमिल मनीला कांग्रेस, असम की यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त), राष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी, हरियाणा की जननायक जनता पार्टी, प्रहार जनशक्ति पार्टी, राष्ट्रीय समाज पक्ष, महाराष्ट्र की जन सुराज्य शक्ति पार्टी, मणिपुर की कुकी पीपुल्स अलायंस, मेघालय की यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी और हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी मौजूद रही.
साथ ही बैठक में शामिल होने वाली पार्टियों में निषाद पार्टी, पुडुचेरी की ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्यूलर), जन सेना पार्टी, हरियाणा लोकहित पार्टी, भारत धर्म जन सेना, केरल कामराज कांग्रेस, पुठिया तमिलागम पार्टी, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और गोरखा नेशनल लिबरेशन फ्रंट के नेता भी रहे.
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