Parliament Monsoon Session: मणिपुर मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में सत्ता और विपक्ष के बीच घमासान जारी है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार (26 जुलाई) को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस पत्र का जवाब दिया जिसमें उन्होंने मणिपुर मुद्दे पर चर्चा के लिए संसद में कांग्रेस और सभी दलों से सहयोग मांगा था.
खरगे ने अपने पत्र में लिखा, “जिस दिन पीएम मोदी हमारी तुलना आतंकवादी संगठन से करते हैं उस दिन गृह मंत्री विपक्षी दलों से सहयोग मांगने के लिए पत्र लिखते हैं. सरकार और विपक्ष के बीच अंतर सालों से मौजूद था, लेकिन अब हम सरकार में भी अंतर देखते हैं. पीएम मोदी का भारत को दिशाहीन कहना दुर्भाग्यपूर्ण है.”
एक ही दिन में आदरणीय प्रधानमंत्री देश के विपक्षी दलों को अंग्रेज शासकों और आतंकवादी दल से जोड़ते हैं और उसी दिन गृहमंत्री भावनात्मक पत्र लिखकर विपक्ष से सकारात्मक रवैये की अपेक्षा करते हैं। सत्ता पक्ष और विपक्ष में समन्वय का अभाव वर्षों से दिख रहा था, अब यह खाई सत्तापक्ष के अंदर… pic.twitter.com/GcTgSwHsrT
— Mallikarjun Kharge (@kharge) July 26, 2023
अमित शाह ने खत में क्या लिखा था?
अमित शाह ने अधीर रंजन चौधरी और खरगे को लिखे लेटर में कहा था, “मैं आपको मणिपुर की घटनाओं पर चर्चा के लिए आपके सहयोग मांगने के लिए लिख रहा हूं. हमारी संसद भारत के जीवंत लोकतंत्र की आधारशिला है. यह हमारी सामूहिक इच्छा के प्रतीक के रूप में खड़ी है और रचनात्मक बहस, सार्थक चर्चा और जन-समर्थक कानून के लिए प्राथमिक मंच के रूप में कार्य करती है.
क्या बोले थे पीएम मोदी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईस्ट इंडिया कंपनी और इंडियन मुजाहिदीन जैसे आतंकवादी संगठनों के नामों का हवाला देते हुए कहा, “केवल देश के नाम के इस्तेमाल से लोगों को गुमराह नहीं किया जा सकता.” उनके इस बयान के बाद विपक्षी दलों और बीजेपी नेताओं में जुबानी जंग छिड़ गई.
ये भी पढ़ें:
ED डायरेक्टर संजय मिश्रा का कार्यकाल बढ़ाने की मांग के साथ SC पहुंची केंद्र सरकार, 31 जुलाई तक पद से हटाने का है ऑर्डर
