Lok Sabha Elections 2024 Dimple Yadav Aparna Yadav Anita Lovely Nilam Seat Prediction

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Lok Sabha Elections 2024: लोकसभा चुनाव 2024 में जीत हासिल करने के लिए राजनीतिक दल पूरी दमखम के साथ मैदान में हैं. 2024 के लोकसभा चुनाव में कई भाभियां में चुनाव मैदान में हैं. बड़े नेता अपनी लोकप्रियता को भुनाने के लिए अपनी पत्नियों को टिकट दिलवा रहे हैं. यूपी में डिंपल यादव मैनपुरी सीट से चुनाव मैदान में हैं.

वहीं मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा का नाम भी चर्चा में है. वहीं, बाहुबली अशोक महतो की पत्नी अनीता को भी टिकट मिल चुका है. अखिलेश सिंह और आनंद मोहन की पत्नी को भी टिकट मिलने के आसार हैं. यहां हम बता रहे हैं कि लोकसभा चुनाव में भाभियां दिग्गजों को लोहा मनवाने में किसी से कम नहीं हैं.

बाहुबली नेता भी अपनी पत्नियों को चुनाव लड़ाने में आगे हैं. अपराधिक मामलों के कारण कई बाहुबली चुनाव नहीं लड़ पा रहे हैं. इसी वजह से उनकी पत्नियां लोकसभा चुनाव 2024 के मैदान में होंगी. अशोक महतो ने तो चुनाव लड़ने के लिए खरमास में शादी की है.

डिंपल यादव

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव मैनपुरी से चुनाव लड़ रही हैं. वह इसी सीट से सांसद भी हैं और उन्हें दूसरी बार टिकट मिला है. मुलायम सिंह के निधन के बाद डिंपल ने यहां उपचुनाव जीता था. वह इस बार भी प्रचार में जुट गई हैं. उनकी बेटी को भी प्रचार में उनके साथ देखा गया है. मैनपुरी सीट समाजवादी पार्टी का गढ़ मानी जाती है और डिंपल एक बार फिर यहां से सांसद बन सकती हैं.

अपर्णा यादव

अखिलेश के छोटे भाई प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव भारतीय जनता पार्टी की सदस्य हैं. चर्चा है कि बीजेपी मैनपुरी सीट से उन्हें टिकट दे सकती है. ऐसे में यहां जेठानी-देवरानी के बीच मुकाबला होने की उम्मीद है. मैनपुरी में मुलायम सिंह का गढ़ रहा है. डिंपल यादव ने इस सीट पर जीत के जरिए मुलायम सिंह यादव की साख बचाई थी. अगर यहां मुलायम की दोनों बहुएं आमने-सामने होंगी तो मामला रोमांचक होगा.

अनीता देवी

बाहुबली अशोक महतो की पत्नी अनीता देवी आरजेडी के टिकट पर मुंगेर से चुनाव लड़ रही हैं. 17 साल तक जेल में रहने के बाद पिछले साल अशोक महतो जेल से बाहर आया है. बिहार के कुख्यात गैंग के मुखिया रहे अशोक की कोशिश अब राजनीति में हाथ आजमाने की है. इसी वजह से उसने खरमास में आनन-फानन में शादी की और अब पत्नी को टिकट भी दिला चुका है. आपराधिक मामलों में दोषी होने के कारण अशोक खुद चुनाव नहीं लड़ सकता.

अरुणा देवी

अशोक महतो के समय में अखिलेश सिंह भी चर्चा में थे. दोनों अपराधियों की गैंग के बीच वर्चस्व की जंग चल रही थी. साल 2000 में अशोक महतो गैंग ने अखिलेश के परिवार के एक दर्जन लोगों की हत्या कर दी थी. इसके बाद से अरुणा ने राजनीति में एंट्री ली. वह वारसलीगंज सीट से विधायक हैं. वह 4 बार इस सीट से विधायक बन चुकी हैं. चर्चा है कि वह नवादा से चुनाव लड़ सकती हैं.

लवली आनंद

आनंद मोहन की पत्नी लवली आनंद को जनता दल यूनाइटेड ने शिवहर सीट से टिकट दिया है. 1994 में राजनीति में कदम रखने वाली लवली एक बार सांसद और 2 बार विधायक रह चुकी हैं. बिहार में बीजेपी और जेडीयू गठबंधन में चुनाव लड़ रहे हैं. ऐसे में बीजेपी ने इस सीट पर सांसद रमा देवी का टिकट काट दिया है और जेडीयू ने लवली को इस सीट से उम्मीदवार बनाया है.

नीलम देवी

अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी भी लोकसभा चुनाव लड़ सकती हैं. चर्चा थी कि मुंगेर से जेडीयू नीलम को टिकट दे सकती है, लेकिन इस सीट पर मौजूदा सांसद ललन सिंह को टिकट दिया गया है. इसके बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि नीलम निर्दलीय चुनाव लड़ सकती हैं. अनंत सिंह के जेल जाने के बाद नीलम ने मोकमा से आरजेडी के टिकट पर उपचुनाव लड़ा और विधायक बनीं. हालांकि, नीतीश के पाला बदलने के दौरान उनकी तेजस्वी यादव से अनबन हो गई और उन्हें जेडीयू से टिकट मिलने की संभावना जताई गई. हालांकि, नीतीश ने उन्हें टिकट नहीं दिया है.

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