Indian Navy Maritime Security Mission: भारतीय नौसेना (Indian Navy) ने बुधवार (3 जनवरी) को कहा कि उसके जहाज और विमान बेहतर निगरानी बनाए रखने और समुद्री सुरक्षा अभियान (Maritime Security Mission) चलाने के लिए मिशन पर तैनात रहते हैं. बीते एक सप्ताह के दौरान में क्षेत्र में तैनात भारतीय नौसेना टॉस्क ग्रुप्स (Task Groups) ने बड़ी संख्या में मछली पकड़ने और इसमें रुचि रखने वाले जहाजों की गहन जांच पड़ताल की है.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, नौसेना ने एक बयान में कहा कि पिछले महीने पोरबंदर के दक्षिण पश्चिम में करीब 220 समुद्री मील दूर एमवी केम प्लूटो पर व्यापारिक जहाजों समेत ड्रोन हमलों की हालिया घटनाओं के मद्देनजर समुद्री निगरानी के प्रयासों को उसने काफी हद तक बढ़ा दिया है. भारतीय नौसेना उत्तर/मध्य अरब सागर और अदन की खाड़ी (Gulf of Aden) में समुद्री सुरक्षा स्थिति की निगरानी करना जारी रखे हुए है.
समुद्र में गश्त करने वाले एयरक्राफ्ट लगातार कर रहे मॉनीटरिंग
इसमें कहा गया है कि भारतीय नौसेना के समुद्र में गश्त करने वाले और दूर से संचालित एयरक्राफ्ट क्षेत्र में लगातार मॉनीटरिंग कर रहे हैं. नौसेना भी तटरक्षक बल (Coast Guard) के साथ लगातार समन्वय बनाकर निगरानी को मजबूत बनाने का काम कर रही है. भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र के भीतर भी मॉनीटरिंग को पुख्ता करने को लेकर तटरक्षक बल के साथ समन्वय कर रही है.
‘राष्ट्रीय समुद्री एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर बारीकी से निगरानी’
भारतीय नौसेना का कहना है कि वह राष्ट्रीय समुद्री एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर समग्र स्थिति की बारीकी से निगरानी भी कर रही है और क्षेत्र में मर्चेंट शिपिंग और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर भी प्रतिबद्ध है.
Indian Navy warships and aerial belongings are finishing up maritime safety operations within the Gulf of Aden and North Arabian Sea in view of the current assaults on service provider ships within the area. pic.twitter.com/cEx3d8ACLz
— ANI (@ANI) January 3, 2024
भारत के पश्चिमी तट पर ड्रोन हमले का टारगेट था एमवी केम प्लूटो
नौसेना का कहना है कि 21 भारतीय चालक दल के सदस्यों के साथ लाइबेरिया के झंडे वाला जहाज एमवी केम प्लूटो 23 दिसंबर को भारत के पश्चिमी तट पर एक ड्रोन हमले का टारगेट था. इससे नई दिल्ली में सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा हो गईं थी, क्योंकि यह जहाज लाल सागर में ईरान समर्थित हूती (Houthi) विद्रोहियों की ओर से कई वाणिज्यिक विमानों पर हमले के बीच आया था.
भारतीय नौसेना का कहना है कि एमवी केम प्लूटो के अलावा, एक अन्य वाणिज्यिक तेल टैंकर भी उसी दिन दक्षिणी लाल सागर (Red Sea) में एक संदिग्ध ड्रोन हमले का शिकार हो गया था.
भारतीय झंडे वाले मर्चेंट जहाजों पर रखी जा रही बारीकी से नजर
नौसेना ने एक अन्य घटना का जिक्र करते हुए कहा कि माल्टा-ध्वजांकित जहाज एमवी रुएन का 14 दिसंबर को समुद्री डाकुओं ने अपहरण कर लिया गया था. भारतीय नौसेना का कहना है कि आईएमएसी (सूचना प्रबंधन और विश्लेषण केंद्र) और आईएफसी आईओआर (IFC IOR) व्हाइट शीपिंग, खासकर क्षेत्र में चलने वाले भारतीय झंडे वाले मर्चेंट जहाजों पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं और उनकी मॉनीटरिंग कर रहे हैं.
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