India Energy Week 2026: गोवा में भारत की ‘हाइड्रोजन शक्ति’ का प्रदर्शन, लो-कार्बन भविष्य की ओर कैसे बढ़ रहा देश, जानें सब कुछ

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इंडिया एनर्जी वीक (IEW) 2026 के उद्घाटन समारोह के बाद केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने आज मंगलवार (27 जनवरी, 2026) को गोवा में हाइड्रोजन जोन का उद्घाटन किया. ऑयल इंडिया की ओर से आयोजित यह हाइड्रोजन जोन भारत के लो-कार्बन और स्वच्छ ऊर्जा भविष्य को आकार देने वाली अत्याधुनिक हाइड्रोजन तकनीकों और समाधानों को प्रदर्शित करता है.

हाइड्रोजन जोन में हाइड्रोजन के उत्पादन, भंडारण और उपयोग से जुड़ी नवाचारपूर्ण तकनीकों को एक ही मंच पर प्रस्तुत किया गया है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में वैश्विक स्तर पर अपनाए जा रहे विभिन्न रास्तों की व्यापक झलक मिलती है. क्यूरेटेड प्रदर्शनों और उद्योग सहभागिता के माध्यम से यह ज़ोन यह समझने का अवसर देता है कि हाइड्रोजन कैसे रिफाइनिंग, उर्वरक, इस्पात और मोबिलिटी जैसे कठिन-से-कठिन क्षेत्रों में कार्बन उत्सर्जन को कम करने में अहम भूमिका निभा सकता है.

11 प्रमुख थीमैटिक जोन्स का हिस्सा है हाइड्रोजन जोन

हाइड्रोजन जोन, इंडिया एनर्जी वीक 2026 के तहत तैयार किए गए 11 प्रमुख थीमैटिक जोन्स का हिस्सा है. ये सभी जोन नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के नेताओं, निवेशकों और प्रौद्योगिकी प्रदाताओं को उनके प्राथमिक लक्ष्यों के अनुरूप समाधान, बिजनेस मॉडल और साझेदारियों से सीधे जुड़ने का मंच प्रदान करते हैं.

इंडिया एनर्जी वीक की व्यापक प्रदर्शनी के हिस्से के रूप में, हाइड्रोजन जोन यह दर्शाता है कि किस प्रकार तकनीक, नीति और साझेदारी एक साथ मिलकर भारत और दुनिया के लिए सुरक्षित, किफायती और टिकाऊ ऊर्जा समाधान को आगे बढ़ा रहे हैं.

इंडिया एनर्जी वीक 2026 में 120 से ज्यादा देशों के प्रतिभागी शामिल

इंडिया एनर्जी वीक 2026 में 75,000 से अधिक ऊर्जा पेशेवर, 700 से ज्यादा कंपनियां और 120 से अधिक देशों के प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं. इसके थीमैटिक जोन्स में हाइड्रोजन, रिन्यूएबल एनर्जी, डिजिटलाइजेशन और AI, बायोफ्यूल्स, LNG इकोसिस्टम, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन, पेट्रोकेमिकल्स, मेक इन इंडिया और इंडिया नेट-जीरो जोन जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं.

इंडिया एनर्जी वीक देश का प्रमुख वैश्विक ऊर्जा मंच है, जो सरकार, उद्योग और नवाचारकर्ताओं को एक साथ लाकर सुरक्षित, सतत और किफायती ऊर्जा भविष्य की दिशा में प्रगति को गति देता है. एक निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय मंच के रूप में IEW निवेश, नीति समन्वय और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देते हुए वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य को आकार दे रहा है.

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