IAS Rohini Vs IPS Roopa Know The Whole Story Of Their Fights Now Court Denied To Quash The Case

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IAS Rohini vs IPS Roopa : कर्नाटक के दो वरिष्ठ अधिकारियों आईएएस रोहिणी सिंधुरी और आईपीएस डी रूपा मुदगिल एक बार फिर सुर्खियों में है. इसकी वजह है कि कर्नाटक हाईकोर्ट ने आर सिंधुरी की ओर से डी रूपा के खिलाफ दर्ज मानहानि के मामले को रद्द करने से इनकार कर दिया है. न्यायमूर्ति सचिन शंकर मगदुम की एकल-न्यायाधीश पीठ सिंधुरी के उस मामले की सुनवाई कर रही थी, जिसमें डी रूपा ने सिंधुरी के पर्सनल फोटोज सोशल मीडिया पर डाल दिए थे. इसके बाद सिंधुरी ने मानहानि का मुकदमा किया. 

कर्नाटक की इन दोनों महिला आईएएस-आईपीएस अधिकारियों ने करीब सात महीने पहले एक दूसरे पर जमकर आरोप लगाए थे. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हुए संग्राम के बाद विवाद बढ़ने पर कर्नाटक सरकार ने उन्हें उनके पदों से हटा दिया था. लेकिन नई पोस्टिंग नहीं दी थी. विवाद के वक्त आईएएस सिंधुरी हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंतोबस्ती की कमिश्नर थीं. जबकि डी रूपा  कर्नाटक राज्य हस्तशिल्प विकास निगम लिमिटेड की प्रबंध निदेशक पद पर थीं.

इसी साल फरवरी महीने में आईपीएस डी रूपा ने रोहिणी सिंधुरी पर आरोप लगाया था कि वह अपनी निजी तस्वीरें पुरुष अधिकारियों के साथ शेयर कर रही हैं. साथ ही डी रूपा ने रोहिणी की कुछ निजी तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी पोस्ट की थीं. उन्होंने दावा किया कि ये तस्वीरें खुद रोहिणी ने तीन पुरुष आईपीएस अधिकारियों को भेजी थीं.

पहले रोहिणी ने दर्ज कराया मुक़दमा 
इसके बाद आईएएस रोहणी सिंधुरी ने डी रूपा के खिलाफ एक अधीनस्थ न्यायालय में शिकायत दर्ज की. जिसमें आरोप लगाया गया कि डी रूपा ने जबरन वसूली के इरादे से उनके निजी, सामाजिक और प्रोफेशनल लाइफ के बारे में गलत बयानी की. उन्होंने मानहानि का मुकदमा किया और इसके बदले उन्होंने डी रूपा से एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की.

इधर डी रूपा ने भी सिंधुरी के खिलाफ हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी, जिसमें सिंधुरी की ओर से दायर मानहानी का केस रद्द करने की मांग की थी. लेकिन यहां रूपा को झटका लगा. हाईकोर्ट ने रूपा की ओर से दायर याचिका को खारिज कर दिया.

साल 2009 बैच की आईएएस अधिकारी रोहणी सिंधुरी को हाल ही में कर्नाटक गजेटियर विभाग का मुख्य संपादक नियुक्त किया गया है. जबकि 2000 बैच की आईपीएस डी रूपा मुदगिल को आंतरिक सुरक्षा विभाग में पुलिस महानिदेशक के रूप में तैनाती मिली है.

क्या हैं आरोप
डी रूपा ने सिंधुरी के खिलाफ( 18 फरवरी) को 19 आरोप लगाए. जिसमें भूमि रिकॉर्ड विभाग में अपने अधिकार का ग़लत इस्तेमाल करने, रियल स्टेट में परिवारवाद, अघोषित संपत्ति और आईएएस अधिकारी डीके रवि की रहस्यमई मौत में उनकी भूमिका के आरोप शामिल हैं.

आईएएस डीके रवि ने मौत से पहले किया था 44 बार फ़ोन
राज्य के वाणिज्य विभाग में अतिरिक्त आयुक्त डी के रवि 16 मार्च 2015 को अपने आधिकारिक आवास के कमरे में पंखे से फंदे पर लटके पाए गए थे. बार-बार फोन करने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला तो उनकी पत्नी कुसुमा ने डुप्लीकेट चाबी से दरवाजा खोला तो उन्हें लटका हुआ पाया.

पुलिस ने रवि की मौत को प्रथम दृष्टया खुदकुशी का मामला माना और राज्य सरकार ने मामले की जांच का जिम्मा आपराध जांच विभाग (सीआईडी) को सौंप दिया. हालांकि, रवि के परिजनों का दावा था कि उनकी मौत के पीछे साजिश है और मामले की सीबीआई से जांच कराई जानी चाहिए. 

द इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक कर्नाटक के आईएएस अफसर डी के रवि जिस दिन मृत मिले थे, उस दिन उन्होंने 2009 के आईएएस बैच की अपनी एक महिला साथी को एक घंटे के अंदर 44 बार फोन किया था. इसकी पुष्टि उनके कॉल रिकॉर्ड से भी हो चुकी है.

ये भी पढ़ें :Karnataka: ‘प्राइवेट तस्वीरों’ को लेकर हुए विवाद में IAS रोहिणी सिंधुरी को मिली राहत, बेंगलुरु की अदालत ने दिया ये निर्देश


Nilesh Desai
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