प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट 2026, ईयू और अमेरिका से हुई ट्रेड डील के बाद पहली बार इंटरव्यू दिया है. पीटीआई को दिए इंटरव्यू में प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रेड डील, बजट और डिफेंस समेत कई मुद्दों को लेकर अपनी बात देश के सामने रखी है.
केंद्रीय बजट पर क्या बोले पीएम मोदी?
पीएम मोदी ने यूनियन बजट पर बात करते हुए कहा है कि इस साल का बजट भारत को विकसित देश बनने की चाहत को दिखाता है. बजट मजबूरी में पैदा हुआ, अभी नहीं तो कभी नहीं (Now or Never) वाला पल नहीं है. बल्कि तैयारी और प्रेरणा से पैदा हुआ हम तैयार हैं (We are prepared) वाला पल है.
ट्रेड डील पर क्या बोले पीएम मोदी?
पीएम मोदी ने ईयू और अमेरिका से हुई ट्रेड डील पर भी अपनी बात रखी. पीएम मोदी ने कहा कि राजनीतिक स्थिरता और राजनीतिक पूर्वानुमान ने भारत में इन्वेस्टर्स का भरोसा वापस लाए हैं. मजबूत मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज और MSMEs ने भारत को दमदार तरीके से ट्रेड डील पर बातचीत करने में काफी मदद की है.
डिफेंस बजट पर क्या बोले पीएम मोदी?
इसके अलावा उन्होंने डिफेंस बजट पर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि सरकार देश की डिफेंस फोर्स को समर्थन करने और उन्हें मजबूत करने के लिए जो भी करना होगा, करेगी. सरकार की यह जिम्मेदारी है कि वह डिफेंस सेक्टर को आज की हकीकत के हिसाब से मॉर्डन बनाए.
FTAs पर क्या बोले पीएम मोदी?
पीएम मोदी ने 38 देशों के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि हमारे FTAs टेक्सटाइल, चमड़ा, केमिकल्स, हस्तशिल्प, जेम्स और अन्य क्षेत्र में MSMEs के लिए बाजार को बढ़ाने के लिए डिजाइन किए गए हैं.
यूपीए सरकार के आर्थिक प्रबंधन पर क्या कहा?
इसके अलावा पीएम मोदी ने यूपीए सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि यूपीए के समय आर्थिक प्रबंधन ठीक नहीं था. इस वजह से भारत भरोसे की स्थिति में बातचीत नहीं कर पाया. यूपीए राज में बातचीत शुरू होती थी. लेकिन आगे नहीं बढ़ती थी. लंबी बातचीत के बाद भी कभी कोई ठोस नतीजा नहीं निकला.
रिफॉर्म को लेकर क्या बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी?
पीएम मोदी ने कहा कि सुधार करना सरकार की प्रतिबद्धता है. हमने इस प्रतिबद्धता को दिखाया है. आर्थिक बदलाव के अगले फेज के लिए निजी क्षेत्र बेहद ही जरूरी है. उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्रों को मार्जिन बचाने पर कम ध्यान देना चाहिए. आर एंड डी, सप्लाई चेन और क्वालिटी पर तेजी से इन्वेस्ट करना चाहिए. इसके अलावा उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लिए अगला कदम इनोवेशन, लॉन्ग टर्म कैपिसिटी और ग्लोबल प्रतिस्पर्धा प्राइवेट सेक्टर में होने वाले इन्वेस्टमेंट पर निर्भर करेगी. उन्होंने कहा कि उत्पादकता बढ़ाने के लिए प्राइवेट सेक्टर्स के मालिकों को अपने वर्कर्स के साथ जरूरी जानकारी शेयर करना चाहिए. भारत दुनिया में डिजिटल लीडर है. यह यूपीआई प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों के ट्रांजेक्शन में सुधारों की वजह से मुमकिन हुआ है.
डेटा सेंटर पर क्या बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी?
पीएम मोदी ने भविष्य में डेटा सेंटर की भूमिका को लेकर भी अपनी बात रखी है. उन्होंने कहा है कि डेटा सेंटर हमारे युवाओं के लिए बहुत सारे जब क्रिएटर होंगे. उन्होंने कहा कि भारत का कंप्यूटिंग पावर और डेटा इन्फ्रा कैपेसिटी को बढ़ाकर एक बढ़ते AI इकोसिस्टम की नींव रख रहा है.

