Manipur violence at least to die five injured in firing nine died in one month Manipur police latest update

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Manipur violence News: देश के पूर्वी राज्य मणिपुर में एक बार फिर हिंसा भड़की है. यहां मंगलवार (30 जनवरी) को ताजा हिंसा में दो समूहों के बीच गोलीबारी हुई है. आगजनी और फायरिंग में दो लोगों की मौत हो गई है. इसके अलावा हिंसा में बीजेपी युवा नेता समेत पांच लोग घायल हो गए हैं. पुलिस सूत्रों का कहना है कि मरने वालों की संख्या में इजाफा हो सकता है. इसका एक वीडियो सामने आया है जिसमें फायरिंग के बाद घायल लोगों को लेकर उनके परिजन भाग दौड़ कर रहे हैं. महिलाओं को बचाने के लिए लोग चीख-चिल्ला रहे हैं और खुले में जाने से यह कहते हुए रोक रहे हैं कि मां आप उधर मत जाओ गोली लग जाएगी. 
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि गोलीबारी मंगलवार (30 जनवरी) दोपहर करीब ढाई बजे शुरू हुई और कई घंटों तक चली. दोनों मृतकों की पहचान 33 साल के नोंगथोम्बम माइकल और 25 साल के मीस्नाम खाबा के तौर पर हुई है. इनके शव को 30 जनवरी की शाम को रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइसेंज ले जाया गया.
  



Manipur के किस हिस्से में भड़की हिंसा?

पुलिस सूत्रों ने कहा कि मणिपुर के इंफाल पश्चिम जिले के कौट्रुक गांव में गोलीबारी हुई है. फायरिंग की वारदात के बाद कम से कम एक व्यक्ति लापता भी बताया जा रहा है. इस हिंसा में बीजेपी की युवा शाखा भारतीय जनता युवा मोर्चा (‌BJYM) के पूर्व अध्यक्ष मनोहरमयुम बारिश शर्मा गोलीबारी में घायल हो गए हैं. उन्हें अस्पताल ले जाया गया है.



क्या कहना है Manipur Police का?

 मणिपुर पुलिस ने अपने आधिकारिक एक हैंडल पर पोस्ट कर इस वारदात की जानकारी दी है. इसमें बताया है कि इंफाल पश्चिम और कांगपोकपी जिलों की सीमा पर दो समुदाय के ग्रामीणों के बीच गोलीबारी हुई. ताजा हिंसा के बाद इम्फाल घाटी के कडांगबंद, कौट्रुक और कांगचुप गांवों से लोगों के अपनी जान बचाकर भागने की भी खबरें हैं. मंगलवार की घटना इंफाल और कांगपोकपी जिले के बीच एक क्षेत्र में दो सशस्त्र गुटों  के बीच गोलीबारी में एक ग्रामीण की मौत के ठीक दो दिन बाद हुई है.

महीने भर में हो चुकी है नौ लोगों की मौत
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट की माने तो पिछले एक महीने में मणिपुर में भड़की हिंसा में कम से कम नौ लोगों की मौत हो चुकी है. मरने वालों में हिंसा ग्रस्त क्षेत्रों में तैनात दो पुलिस अधिकारी भी शामिल रहे हैं. सूबे में पिछले साल 3 मई 2022 को शुरू हुई हिंसा में 180 से अधिक लोगों की जान चली गई है और 3000 से अधिक घायल हो गए हैं. इस हिंसा में हजारों लोग विस्थापित भी हुए हैं. राज्य में केंद्रीय सुरक्षा बलों के कम से कम 60,000 कर्मियों की तैनाती के बावजूद आठ महीने से अधिक समय से हिंसा जारी है.

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