धरने पर बैठे अमृतसर रेल हादसे के पीड़ित, बोले- नवजोत सिद्धू ने नहीं पूरे किए वादे

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    न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर (पंजाब) Updated Tue, 10 Dec 2019 12:09 AM IST

    धरने पर बैठे पीड़ित परिवार। – फोटो : अमर उजाला

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    एक साल पहले दशहरे पर जौड़ा फाटक रेल हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों ने सोमवार को पंजाब सरकार की तरफ से उनकी मांगें न पूरी करने के विरोध में भंडारी पुल पर अनिश्चितकाल के लिए धरना लगा दिया। मृतकों के परिजन हाथों में बैनर उठाकर न्याय की मांग कर रहे थे। पीड़ित परिजनों ने कहा कि तत्कालीन मंत्री नवजोत सिद्धू ने हादसे के बाद उनसे जो वादे किए थे, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह उन वादों को पूरा करें। 

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    सिद्धू ने वादा किया था कि सभी परिवारों के एक-एक सदस्य को नगर निगम में नौकरी मिलेगी। जिन परिवारों में छोटे बच्चे हैं, उनकी पढ़ाई का खर्च पंजाब सरकार वहन करेगी। सिद्धू ने कुछ परिवारों के बच्चों को गोद लेने का वादा भी किया था लेकिन कोई भी वादा पूरा नहीं किया गया। धरने में ऐसे लोग भी बैठे थे, जिनके परिवार के सदस्य की हादसे में मौत हो गई थी, लेकिन उन्हें पंजाब सरकार द्वारा जारी की गई पांच लाख की मदद नहीं मिल पाई।

    धरने पर बैठे राजेश कुमार ने बताया कि उनके पिता बलदेव राज इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। निजी अस्पताल में उनका इलाज चला। चार महीने बाद उनकी मौत हो गई लेकिन परिवार को अभी तक मदद की एक फूटी कौड़ी नहीं मिली। धरने की अगुवाई कर रहे पीड़ित परिवार के नौजवान सुरिंदर कुमार ने बताया कि जब पिछली बार धरना दिया गया था तो एसडीएम के आश्वासन के बाद धरना उठा लिया गया था। दो अक्तूबर को जब पीड़ित परिवारों ने धरना दिया था तब एसडीएम ने विश्वास दिलाया था कि 22 अक्तूबर तक सभी मांगें स्वीकार कर ली जाएंगी।

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