केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह बोले- पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को वापस लेना अगला लक्ष्य 

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    न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Updated Mon, 19 Aug 2019 10:20 AM IST

    डॉ. जितेंद्र सिंह – फोटो : ANI

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    कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के ऐतिहासिक फैसले के बाद रविवार को केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि अब सरकार का अगला लक्ष्य पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर के हिस्से को वापस भारत गणराज्य में मिलाने का है। जितेंद्र सिंह जम्मू के भाजपा मुख्यालय में सिटीजन मीट कार्यक्रम में लोगों को संबोधित कर रहे थे। 

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    इस दौरान उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 पर कांग्रेस और कश्मीर में उसकी सहयोगी पार्टी नेशनल कांफ्रेंस ने ऐसी कल्पना का जाल बिछाया था कि यह अनुच्छेद टूट नहीं सकता। इस वजह से यह दोनों पार्टियां विश्व के अन्य देशों को भी यह समझाती रही कि जम्मू कश्मीर में राजनीतिक शासन के लिए अनुच्छेद 370 जरूरी है। 

    मोदी सरकार ने एक झटके में कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस की कल्पना का विस्फोट कर दिया। इससे वह तड़प रही है। उन्होंने कहा अनुच्छेद 370 की वजह से जम्मू-कश्मीर के लोगों व राज्य को काफी नुकसान उठाना पड़ा। देश के अन्य हिस्सों की तरह विकास यहां पर नहीं हो पाया। 

    केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि 31 अक्तूबर 2019 से जम्मू कश्मीर और लद्दाख नई यात्रा शुरू करेंगे। केंद्र शासित प्रदेश के तौर पर नई व्यवस्था में बिना किसी भेदभाव के हर क्षेत्र का विकास होगा। 

    स्वतंत्रता दिवस और ईद के मौके पर एहतियात के तौर पर कुछ लोगों को हिरासत में लिए जाने पर शोर शराबा करने वालों को आड़े हाथों लेते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि हम जम्मू कश्मीर के लोगों और प्रशासन को बधाई देते हैं कि करीब तीन दशक बाद इन पर्वों पर शांतिपूर्ण वातावरण रहा। उन्होंने कहा ऐसा भी भ्रम लोगों के मन में पैदा किया जा रहा है कि नई व्यवस्था में सरकारी नौकरियां अन्य राज्यों के लोग ले जाएंगे। 

    उन्होंने कहा अगर ऐसा होता तो पंजाब के करीब रहने वाले राज्य के लोग पंजाब पुलिस या पंजाब सिविल सेवा में बड़ी संख्या में नहीं गए होते। सिंह ने कहा कि प्रत्येक राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के सरकारी नौकरियों में भर्ती के नियम रहते है। उन्होंने व्यापारिक बिरादरी से भी कहा कि वह भी किसी भ्रम में न रहें। वे मन लगाकर व्यापार करें और अपने बच्चों को भी वैश्विक भारत में अपनी क्षमता के अनुसार काम करने दें। भारत पांच ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने की तरफ अग्रसर है। यहां विकास के पर्याप्त मौके हर किसी को मिलेंगे।

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