Zee Jankari: कठुआ रेप केस के सत्य, साहस और संघर्ष का विश्लेषण

0
21

आज हम कठुआ रेप केस के सत्य, साहस और संघर्ष का विश्लेषण करेंगे. जम्मू की एक अदालत ने इस केस की जांच करने वाली. जम्मू-कश्मीर पुलिस की SIT के खिलाफ. FIR दर्ज करने के आदेश दिए हैं. आरोप है कि Special Investigatiion Team ने तीन युवकों से ज़बरदस्ती बयान दिलाए. और इसके लिए उन्हें टॉर्चर किया.

न्याय का बुनियादी सिद्धांत ये है कि चाहे दोषी छूट जाए, लेकिन निर्दोष को सज़ा नही होनी चाहिए. यही वजह है कि जिस समय कठुआ केस को लेकर आरोपियों के खिलाफ नफ़रत की आंधी चल रही थी, उस समय ज़ी न्यूज़ ने ये कहने की हिम्मत दिखाई थी कि SIT ग़लत कर रही है.

Zee News की खोजी पत्रकारिता की वजह से अदालत ने इस केस के मुख्य आरोपी विशाल जंगोत्रा को इसी साल 10 जून को बरी किया था और अपने फ़ैसले में Zee News की रिपोर्टिंग की तारीफ़ भी की थी. आरोप है कि इसी विशाल जंगोत्रा के खिलाफ बयान दिलाने के लिए SIT ने तीन युवकों को टॉर्चर किया.

अब कठुआ रेप केस मामले में जम्मू की अदालत ने इस केस की जांच करने वाली SIT के 6 सदस्यों के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश दिए हैं. जम्मू के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रेम सागर ने ये आदेश तीन याचिका-कर्ताओं की अपील पर सुनवाई के बाद दिए हैं. याचिका दायर करने वाले इन युवाओं के नाम हैं सचिन शर्मा, नीरज शर्मा, और साहिल शर्मा.

इनकी याचिका के मुताबिक ये सब इसलिए किया गया ताकि कठुआ रेप केस में मुख्य आरोपी रहे विशाल जंगोत्रा के खिलाफ झूठे सबूत इकट्ठा करके उसे इस मामले में फंसाया जा सके. ये तीनों उत्तर प्रदेश के मुज्फ्फरनगर में विशाल जंगोत्रा के साथ पढ़ाई किया करते थे . आरोपों के मुताबिक SIT चाहती थी कि ये तीनों विशाल के खिलाफ बयान दें और कहें कि जिस दिन पीड़ित के शव को जंगल में फेंका गया था उस दिन विशाल जंगोत्रा मुजफ्फरनगर में नहीं.. बल्कि जम्मू में मौजूद था.

आपको बता दें कि इसी साल 10 जून को पठानकोट की स्पेशल कोर्ट ने विशाल जंगोत्रा को इस केस से बरी कर दिया था. जबकि बाकी के 6 आरोपियों को दोषी माना गया था. लेकिन अब जम्मू की अदालत कठुआ केस की SIT में शामिल रहे 6 पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामले की अगली सुनवाई 7 नवंबर को करेगी.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here