Zee Jaankari: PMC बैंक घोटाले से अंधकार में हजारों लोगों का भविष्य

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आज से 17 दिनों के बाद पूरे देश में दिवाली का त्योहार मनाया जाएगा. दिवाली पर धन की देवी मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है. लक्ष्मी को धन और धान्य की देवी माना जाता है. उनकी कृपा से जीवन में समृद्धि आती है. लेकिन देश में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो भ्रष्टाचार के राक्षस की पूजा करते हैं और इस राक्षस ने लाखों लोगों का सुख-चैन छीन लिया है. ये वो लोग हैं जिन्होंने Punjab And Maharashtra Cooperative Bank में अपने Acoounts खोले थे. 
इस बैंक में 51 हज़ार से ज्यादा लोगों के खाते हैं. अगर एक खाता-धारक के परिवार मे 4 लोग भी हैं. तो इससे करीब 2 लाख जीवन प्रभावित होते हैं. 

पिछले कुछ दिनों से पूरे देश में PMC बैंक घोटाले की चर्चा हो रही है.  इसके बारे में आपने भी ज़रूर सुना होगा और हो सकता है कि आपका बैंक खाता भी इसी Cooperative Bank में हो.  हमें भी कई लोगों ने कहा कि हमें इस घोटाले का विश्लेषण करना चाहिए. इसलिए आज हम आपको सजग करने वाला एक DNA टेस्ट कर रहे हैं. क्योंकि हमारे देश में 160 करोड़ से ज्यादा बैंक खाते हैं. और इनसे जुड़े लोगों को Banking से जुड़े खतरों और अपने अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए , जो शायद नहीं है. पिछले महीने की 23 तारीख को Reserve Bank Of India ने…PMC बैंक के कामकाज पर 6 महीने की रोक लगा दी थी.

क्योंकि बैंक के अधिकारियों पर साढ़े 4 हज़ार करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है. RBI के निर्देशों के अनुसार PMC बैंक के ग्राहकों को बैंक से 1 हज़ार रुपये से ज्यादा की रकम निकालने की अनुमति नहीं थी. हालांकि अब इसे बढ़ाकर 25 हज़ार रुपये कर दिया है. लेकिन बैंक के ग्राहकों की परेशानियां अभी खत्म नहीं हुई है. इसलिए आज हम PMC बैंक घोटाले का बहुत सरल भाषा में विश्लेषण करेंगे. हम आपको ये भी बताएंगे कि देश के Banks कैसे कुछ अमीरों के Lifestyle को मेंटेन करने के लिए आम लोगों के भविष्य की बलि चढ़ा देते हैं. ये उद्योगपतियों, नेताओं और बैंक अधिकारियों का वो Nexus यानी गठजोड़ है.

.जो आपको. आपकी ही जमा पूंजी को हड़प लेता है. इसलिए आज भ्रष्टाचार की इस सबसे ताज़ा घटना का एक-एक पहलू आपके लिए समझना ज़रूरी है. आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी मुंबई में बीजेपी के दफ्तर में PMC बैंक के खाताधारकों से मुलाकात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि ग्राहकों को जल्द ही उनका पैसा मिल जाएगा. लेकिन खाताधारक अभी भी संतुष्ट नहीं है और वो चाहते हैं कि सरकार इस मामले में ज़रूरी कदम उठाए, ताकि उनकी वर्षों की मेहनत को डूबने से बचाया जा सके. फिलहाल इस पूरे घोटाले की जांच चल रही है.

और शुरुआती जांच में सामने आया है कि Housing Development and Infrastructure Ltd यानी HDIL नामक एक कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए इस बैंक ने हज़ारों खाताधारकों का जीवन बर्बाद कर दिया. HDIL..मुंबई स्थित एक Real Estate कंपनी है. जो फिलहाल दिवालिया होने की कगार पर है. PMC के कुल Loan का 73 प्रतिशत यानी करीब 6 हज़ार 500 करोड़ रुपये इसी कंपनी के पास है. इस घोटाले के 4 मुख्य किरदार हैं. पहला नाम है PMC बैंक के चेयरमैन वरयम सिंह का. दूसरा नाम है PMC बैंक के ही मैनेजिंग डायरेक्टर जॉय थॉमस का . इन दोनों पर HDIL के प्रमोटर्स .पिता और पुत्र…राकेश और सारंग वधावन को फायदा पहुंचाने का आरोप है.

फिलहाल ये चारों आरोपी मुंबई पुलिस की हिरासत में हैं और इनसे इस मामले में पूछताछ की जा रही है. शुरुआती जांच में पता चला है कि PMC के चेयरमैन वरयम सिंह ने HDIL के प्रमोटर्स को फायदा पहुंचाने के लिए नेताओं से अपनी जान पहचान का फायदा उठाया. 

माना जा रहा है कि HDIL को दिए गए Loan की रकम…PMC की कुल Capital यानी पूंजी से भी ज्यादा है. ये भी कहा जा रहा है कि HDIL को पहुंचाए गए फायदे को छिपाने के लिए Bank ने अपनी Balance Sheet में भी गड़ब़ड की…और NPA यानी Non Performing Assets को 4 प्रतिशत से कम दिखाया. NPA..बैंकों द्वारा कर्ज़ के रूप में दी गई वो रकम होती है.  जिस पर ब्याज़ मिलना बंद हो जाता है और मूल रकम की वापसी का भी कोई भरोसा नहीं होता. यानी PMC बैंक ने अपने खाताधारकों को बैंक कि स्थिति की जानकारी नही दी और उन्हें धोखे में रखा.

घोटाले और NPA को छिपाने के लिए PMC ने HDIL से जुड़े 44 Loan Accounts को 21 हज़ार से ज्यादा छोटे-छोटे काल्पनिक Loan Accounts में बदल दिया. BanK ने 6 से 7 वर्षों तक इस कर्ज़ के डूबने की जानकारी किसी को नहीं दी.  Bank द्वारा दिए गए इन Loans को Core Banking System में भी रिकॉर्ड ही नहीं किया गया. 

RBI द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान भी Bank ने सिर्फ Loan खातों की Enteries दिखाई. पुलिस के मुताबिक Bank के Board Of Directors के साथ साथ…Maneging Director जॉय थॉमस और HDIL के प्रमोटर्स को भी इसकी पूरी जानकारी थी. वरयम सिंह ने वर्ष 2015 में HDIL को ज्वाइन किया था. और वर्ष 2017 तक उनके पास इस कंपनी की 1.92 प्रतिशत हिस्सेदारी भी थी. 

वरयम सिंह ने वर्ष 2015 में HDIL छोड़ दी थी और वो PMC बैंक के चेयरमैन बन गए . इस पूरे घटनाक्रम को सुनकर ऐसा लगता जैसे किसी फिल्म के Script Writer ने इस घोटाले की कहानी लिखी थी और हर एक किरदार को वही रोल दिया गया जो HDIL के फायदा पहुंचाने में काम आ सके. जिन लोगों के इस बैंक में खाते हैं. 

वो बहुत परेशान हैं.  इनमें से ज्यादातर लोगों ने अपनी जीवन भर की कमाई इस बैंक में जमा कर रखी थी. कुछ लोगों को नए घर के लिए एडवांस देना था, कुछ लोगों ने EMI भरनी थी..तो कुछ लोगों ने अपने बच्चों की शादी के लिए जो पैसे जोड़े थे वो इसी बैंक में जमा थे. अब इन सब लोगों को अपना भविष्य अंधकार में डूबा लग रहा है..

और ये लोग पूछ रहे हैं कि सरकार और RBI की नाकामी के लिए ये लोग कैसे जिम्मेदार हो सकते हैं. ये लोग इसलिए इतना परेशान हैं..क्योंकि अगर PMC बैंक डूबता है..तो इनका लगभग सारा पैसा भी डूब जाएगा.  ऐसा इसलिए है..क्योंकि भारत में बैंक में रखा आपका सारा पैसा Insured नहीं है. बैंक में आपका कितना भी पैसा जमा हो..

.बैंक के डूबने पर आपको सिर्फ 1 लाख रुपये ही मिल पाएंगे. भारत में बैंक में रखे आपके पैसे का बीमा करने की जिम्मेदारी.. Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation of India के पास है. जो बैंक के डूबने या दिवालिया होने की स्थिति में आपको 1 लाख रुपये देगी. यानी अगर बैंक में आपके 1 करोड़ रुपये भी जमा हों..तो इससे किसी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा…बैंक के डूबने पर आपको ब्याज़ की रकम मिलाकर सिर्फ 1 लाख रुपये ही मिलेंगे. International Association of Deposit Insurers के एक सर्वे के मुताबिक…पूरी दुनिया में भारत में बैंक में जमा पैसे की Insurance राशि सबसे कम है. 

मलेशिया में अगर बैंक में रखा आपका पैसा डूबता है तो आपको 42 लाख रुपये से ज्यादा की Insurance राशि मिलेगी.  इंडोनेशिया में करीब 99 लाख 58 हज़ार रुपये तक की रकम सुरक्षित होती है.  ब्राजील में खाताधारकों को बैंक में जमा राशि पर 43 लाख 74 हज़ार रुपये से ज्यादा का Insurance Cover मिलता है. जबकि मैक्सिको में ये रकम 85 लाख 26 हज़ार रुपये से ज्यादा है.

इसी तरह कनाडा, फ्रांस और स्विटज़रलैंड जैसे विकसित देशों में ये रकम….53 लाख रुपये से लेकर 78 लाख रुपये के बीच में है. अमेरिका में बैंक के डूबने पर ग्राहकों को 1 करोड़ 72 लाख रुपये से ज्यादा की बीमा राशि मिलती है. यानी दुनिया के ज्यादातर देशों में बैंक खाताधारकों का 60 से 70 प्रतिशत पैसा सुरक्षित होता है.  जबकि भारत में इसका औसत सिर्फ 30 प्रतिशत है. 

वर्ष 1993 तक भारत में ग्राहकों को बैंक डूबने पर सिर्फ 30 हज़ार रुपये मिलते थे..जिसे बाद में बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया. लेकिन जानकारों का मानना है कि इसे बढ़ाकर कम से कम 5 लाख रुपये किया जाना चाहिए. हमारे दर्शक हमें बहुत दिनों से कह रहे थे कि हमें PMC बैंक घोटाले का एक DNA टेस्ट करना चाहिए. 

आज हमने दर्शकों की मांग पर इस घोटाले का विश्लेषण इसलिए किया है .  क्योंकि सवाल सिर्फ PMC के 50 हज़ार से ज्यादा खाताधारकों का नहीं है. भारत में इस वक्त करीब 160 करोड़ से ज्यादा बैंक खाते हैं.  इन Bank Accounts में लोगों ने छोटी छोटी रकम से लेकर अपने जीवन भर की पूंजी तक जमा की हुई है.  भारत पारंपरिक तौर पर पैसा जोड़ने वाला देश है.  हमारे घरों में भी पाई-पाई जोड़ने की शिक्षा दी जाती है  .  हम फिज़ूलखर्ची से बचते हैं और भविष्य की ज़रूरतों और बुरे वक्त के लिए पैसा जमा करते हैं. लेकिन बैंक के अधिकारियों, नेताओं और उद्योगपतियों के भ्रष्टाचार की वजह से जब आम आदमी का पैसा डूबता है या फिर फंस जाता है. 

तो लाखों जिंदगियां बर्बाद हो जाती हैं.  इसलिए आज पूरे देश को PMC बैंक घोटाले की वजह से दुख और दर्द झेल रहे कुछ लोगों की कहानी सुननी चाहिए  . RBI ने PMC बैंक घोटाले की जांच के लिए जिस अधिकारी की नियुक्ति है .  उसनें भी पुलिस को एक शिकायत दी है .  जिसमें कहा गया है कि PMC बैंक में 9 लाख 12 हज़ार से ज्यादा लोगों ने अलग अलग तरीके से अपना पैसा जमा कराया है,  .

  अब आप सोचिए अगर इस बैंक घोटाले से 9 लाख लोग प्रभावित हो रहे हैं…तो ये कितना बड़ा घोटाला है . हम चाहते हैं कि जो PMC बैंक के खाताधारकों के साथ हुआ..वो आपके साथ ना हो..इसलिए आज हमने देश के Banking System को समझने के लिए कई Experts से बात की  .  काफी रिसर्च किया और ये पता लगाने की कोशिश की..कि इस तरह के घोटालों के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है  . 

और अगर आपका पैसा बैंक घोटाले या बैंक की खराब आर्थिक स्थिति की वजह से फंस जाए ..तो आप क्या कर सकते हैं . सबसे पहले हमने ये समझने की कोशिश की है कि भारत में कितने प्रकार के Banks हैं. फिर हमने ये पता लगाया कि बैंक से जुड़े घोटाले कितने प्रकार के हो सकते हैं.  और किस तरह के Banks में ज्यादातर घोटाले किए जाते हैं .

  हमने बैंक खोलने से जुड़े नियमों पर भी रिसर्च किया है  .  और ये समझने की कोशिश भी की है कि एक आम बैंक खाताधारक के अधिकार क्या हैं और RBI के नियम इसे लेकर क्या कहते हैं.  पहले आप इस विषय पर Zee News के वित्तीय Experts का ये विश्लेषण देखिए .  फिर हम आपको ये बताएंगे कि आप बैंक में जमा अपनी रकम को कैसे सुरक्षित रख सकते हैं . 

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