ZEE जानकारी: भारतीय नौसेना की सबसे ताकतवर तस्वीर का विश्लेषण

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अब हम भारतीय नौसेना की सबसे ताकतवर तस्वीर का विश्लेषण करेंगे. हर वर्ष 4 दिसंबर को Indian Navy Day यानी भारतीय नौसेना दिवस मनाया जाता है. आपमें से बहुत सारे लोगों के लिए ये सिर्फ एक तारीख होगी और शायद आपमें से कई लोगों को इस तारीख के मायने नहीं पता होंगे. लेकिन भारतीय नौसेना के लिए ये दिन उसके गौरवशाली इतिहास की सबसे बड़ी निशानी है.

भारतीय नौसेना दिवस 1971 के भारत पाकिस्तान युद्ध में, भारतीय नौसेना की जीत के जश्न के रूप में मनाया जाता है. 4 दिसंबर 1971 को ही, Operation Trident के तहत Indian Navy ने, पाकिस्तानी सेना के Naval base पर हमला किया था. इस हमले में भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान के तीन युद्धपोत तबाह कर दिए थे.

भारतीय नौसेना दिवस के मौके पर Indian Navy ने एक विशेष फिल्म जारी की है, जिसमें भारतीय नौसेना के शौर्य की तस्वीरें हैं. आज आपको पहले इन तस्वीरों को देखना चाहिए. इसके बाद हम अपना विश्लेषण आगे बढ़ाएंगे.

नौसेना दिवस से पहले आज भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह ने कहा कि Indian Navy किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है. उन्होंने रक्षा बजट में नौसेना की कम होती हिस्सेदारी पर भी चिंता जताई है. नौसेना प्रमुख ने कहा कि वर्ष 2012 में रक्षा बजट में जहां नौसेना की हिस्सेदारी 18 प्रतिशत थी. वो वर्ष 2018 में घटकर 13 प्रतिशत रह गई है.

भारतीय नौसेना का बजट इस वक्त 23 हजार 156 करोड़ रुपए है. जबकि भारतीय थल सेना का बजट 29 हजार 461 करोड़ रुपए है. सबसे ज्यादा 39 हजार 302 करोड़ रुपए का बजट Indian Air Force का है.

नौसेना प्रमुख के अनुसार, Indian Navy को इस वक्त 3 Aircraft Carriers की जरुरत है ताकि दो हर समय चालू रहें. भारत के पास इस वक्त सिर्फ 1 Aircraft Carrier है.

आज आपको ये भी समझना चाहिए कि देश की सुरक्षा के संबंध में भारतीय नौसेना क्यों इतनी महत्वपूर्ण है.

भारत की समुद्री सीमा लगभग 7 हजार 516 किलोमीटर में फैली हुई है जो कि कुल अंतरराष्ट्रीय सीमा का 50 प्रतिशत है. ये सीमा भारत के 9 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों से मिलती है.

भारतीय नौसेना की शुरुआत 5 सितंबर 1612 को हुई थी जब East India Company के जहाजों का पहला बेड़ा गुजरात के सूरत बंदरगाह पर पहुंचा था. उस वक्त इसका नाम East India Company Marine था.

इसके बाद वर्ष 1892 में इसका नाम बदलकर Royal Indian Marine रखा गया. वर्ष 1934 से इसे Royal Indian Navy कहा जाने लगा. 26 जनवरी 1950 को भारतीय नौसेना ने अपने नाम से Royal शब्द को हटा दिया और इसके बाद  इसे Indian Navy यानी भारतीय नौसेना कहा गया.

Indian Navy दुनिया की सबसे ताकतवर नौसेनाओं में से एक है. आज हमने अन्य देशों के मुकाबले भारत की समुद्री ताकत का आंकड़ों के आधार पर एक विश्लेषण तैयार किया है.

भारत के पास 1 Aircraft Carrier है. चीन और Russia के पास भी एक एक Aircraft Carrier है जबकि अमेरिका के पास 10 Aircraft Carriers हैं.

भारत के पास 13 Frigates हैं.  जबकि चीन के पास 52, Russia के पास 13 और अमेरिका के पास 22 Frigates हैं.

भारत के पास 11 Destroyers हैं.  जबकि चीन के पास 33, Russia के पास 13 और अमेरिका के पास 68 Destroyers हैं.

भारत के पास 16 Submarines हैं. जबकि चीन के पास 76, Russia के पास 56 और अमेरिका के पास 68 Submarines हैं.

अगर कुल समुद्री ताकत की बात की जाए…तो भारत के पास 295 युद्धपोत हैं . जबकि चीन के पास 714, Russia के पास 352 और अमेरिका के पास 415 युद्धपोत हैं .

यानी आप कह सकते हैं कि चीन, Russia और अमेरिका के मुकाबले भारत के पास अभी कम युद्धपोत हैं. इसका सबसे बड़ा कारण…रक्षा बजट में नौसेना की सबसे कम हिस्सेदारी है. भारत के रक्षा बजट में जहां नौसेना की हिस्सेदारी सिर्फ 13 प्रतिशत है, वहीं अमेरिका के रक्षा बजट में नौसेना की हिस्सेदारी लगभग 30 प्रतिशत है. भारत के कुल रक्षा बजट से तीन गुना ज्यादा रक्षा बजट चीन का है…और उसमें नौसेना की एक बड़ी हिस्सेदारी है.

यानी चीन…नौसेना की ताकत को लगातार बढ़ा रहा है. इसी वजह से हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की गतिविधियां भी लगातार बढ़ रही हैं. कुछ दिनों पहले भारतीय नौसेना ने चीन के एक जहाज को पोर्ट ब्लेयर के पास अपनी सीमाओं से बाहर निकाला था.

वहीं, प्रशांत महासागर में चीन की बढ़ती ताकत के कारण अमेरिका भी विश्व की सबसे Advanced Submarines तैयार कर रहा है. इन Submarines की लागत लगभग डेढ़ लाख करोड़ रुपए से ज्यादा है.  

वरुण देवता को वेदों और पुराणों में जल का देवता कहा गया है. भारतीय नौसेना का आदर्श वाक्य भी है- ”वरुण देवता हमारे लिए कल्याणकारी हों”. भारत की नौसेना देश के लोगों की सुरक्षा और कल्याण की इसी भावना के साथ लगातार अपनी ताकत बढ़ा रही है. आपको ये जानकर खुशी होगी कि वर्ष 2022 तक भारत का पहला स्वदेशी Aircraft Carrier विक्रांत पूरी तरह से Operational हो जाएगा. इस Aircraft Carrier पर…MIG-29 K विमानों को तैनात किया जाएगा . इस वक्त भारतीय नौसेना के लिए 50 युद्धपोत और पनडुब्बियों का निर्माण किया जा रहा है जिनमें से 48 का निर्माण भारत में होगा. यानी भारत ना सिर्फ अपनी ताकत बढ़ा रहा है, बल्कि Make In India यानी स्वदेशी तकनीक पर भी जोर दे रहा है. भारतीय नौसेना की तस्वीरों ने आपके मन में जोश की भावना भर दी होगी.

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