ZEE जानकारी: आटे से सस्ता DATA भारत की खोज और आविष्कार वाली भूख शांत नहीं करता

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आज हम सबसे पहले आपसे एक सवाल पूछना चाहते हैं. अगर आपके पास इंटरनेट कनेक्शन है और एक Computer या फिर मोबाइल फोन है. तो आप इन दोनों की मदद से क्या क्या कर सकते हैं ? आप कह सकते हैं कि इसकी मदद से ज़रूरी जानकारी Search कर सकते हैं, Online Shopping कर सकते हैं, खाना Order कर सकते हैं..Cab book कर सकते हैं, नए दोस्त बना सकते हैं या पुराने ढूंढ सकते हैं,Tik Tok वीडियो बना सकते हैं और दोस्तों से चैट भी कर सकते हैं. लेकिन अगर हम कहें कि आप इंटरनेट की मदद से Vikram Lander को भी ढूंढ सकते हैं तो शायद आप हमारी बात पर यकीन नहीं करेंगे. लेकिन ये बात पूरी तरह सच है. 7 सितंबर को लापता हुए…Vikram Lander को खोज लिया गया है. और ये खोज एक भारतीय युवक ने की है. ये युवक ना तो भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ISRO का वैज्ञानिक है और ना ही ये अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी NASA के लिए काम करता है. इस भारतीय ने सिर्फ इंटरनेट और अपने Laptop की मदद से Vikram Lander को खोज निकाला है. इस युवक का नाम है शनमुगा सुब्रमण्यन. 33 वर्ष के शनमुगा चेन्नई में रहते हैं और पेशे से IT इंजीनियर हैं. शनमुगा ने NASA द्वारा जारी की गई दो तस्वीरों की तुलना कर के लापता Vikram Lander को खोज निकाला है. चंद्रमा की सतह की पहली तस्वीर Vikram  की Crash Landing से पहले की है. जबकि दूसरी तस्वीर Crash Landing के बाद की है. शनमुगा ने जब कई दिनों तक इन दोनों तस्वीरों की जांच की तो उन्हें वो Location मिल गई, जहां विक्रम..7 सितंबर को चंद्रमा की सतह से टकरा गया था. चंद्रमा की  सतह से टकराने से कुछ देर पहले ही Vikram Lander का संपर्क ISRO के Control Center से टूट गया था .

26 सितंबर को NASA ने Lunar Reconnai-ssance Orbiter यानी LRO द्वारा ली गई कुछ तस्वीरें जारी की थी. ये तस्वीरें उसी जगह की थीं जहां विक्रम को लैंड करना था.  शनमुगा ने अपने दो Laptops पर इन तस्वीरों को खोला. एक Laptop पर Landing से पहले की तस्वीर थी, जबकि दूसरे Laptop पर Landing के बाद की तस्वीर थी. शनमुगा प्रति दिन करीब 7 घंटों तक इन तस्वीरों की तुलना करते थे और वो ऐसा कई दिनों तक करते रहे. कुछ दिनों की जांच के बाद शनमुगा को चंद्रमा की सतह पर विक्रम लैंडर के मलबे का एक टुकड़ा मिल गया. इसके बाद उन्होंने 18 अक्टूबर को इसकी जानकारी ISRO और NASA को दी. शनमुगा से Tip मिलने के बाद NASA  की  LRO कैमरा टीम ने उनके दावे की जांच की और उसे बिल्कुल सही पाया. इस दौरान NASA के वैज्ञानिकों ने 14 अक्टूबर, 15 अक्टूबर और 11 नवंबर को ली गई तस्वीरों की भी जांच की और शनमुगा द्वारा दी गई जानकारी और नई तस्वीरों के आधार पर वैज्ञानिकों ने उस जगह का सटीक पता लगा लिया, जहां Vikram Lander ने Crash Landing की थी .

NASA ने इस खोज का श्रेय शनमुगा को देते हुए Vikram Lander मिलने की आधिकारिक पुष्टि कर दी है. लेकिन आज दिन भर भारतीय मीडिया का एक हिस्सा इसका श्रेय सिर्फ NASA को देता रहा और शनमुगा नज़र अंदाज़ होते रहे. आज हमने शनमुगा की इस सफलता पर एक विश्लेषण तैयार किया है. इसे देखकर आप समझ जाएंगे कि इंटरनेट सिर्फ उधार का ज्ञान पाने की जगह नहीं है बल्कि इसके सही इस्तेमाल से आप ऐसी खोज भी कर सकते हैं जो पूरे देश को गर्व कि अनुभूती करा दे.

Screen पर जो तस्वीर आप देख रहे हैं उसमें हरे बिंदु  Vikram Lander के मलबे को प्रदर्शित कर रहे हैं. जबकि नीले बिंदु बता रहे हैं कि Vikram के टकराने के बाद..Landing Site की सतह में क्या बदलाव आया. जिस हरे बिंदु के पास S लिखा है..उसकी पहचान शनमुगा ने की थी. इसलिए इस जगह को उनके नाम के पहले अक्षर S से चिन्हित किया गया है. ये जगह Crash Landing के केंद्र बिंदु से करीब 600 मीट दूर है. जिस जगह पर Vikram Lander टकराया था..उसके आगे Impact Site लिखा है .
 
NASA ने Crash Landing से पहले और बाद की तस्वीर भी जारी की है. इस तस्वीर में आप चांद की सतह में आए बदलाव को देख सकते हैं. आज हमने Vikram Lander को खोज निकालने वाले शनमुगा से बात की. इस बातचीत के दौरान हमें पता चला कि शनमुगा को इस खोज में Social Media से भी काफी मदद मिली. उन्होंने इन तस्वीरों को लेकर Twitter और Reddit जैसे Platforms पर भी दूसरे लोगों से बात की और ज्यादा से ज्यादा जानकारियां जुटाई.  यानी इंटरनेट पर विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों की Community भी मौजूद है और ये लोग बिना विज्ञान की पढ़ाई किए या फिर बिना महंगे वैज्ञानिक उपकरणों की मदद लिए भी. बड़ी बड़ी खोज कर रहे हैं. Internet और Social Media को सिर्फ Trolling या एजेंडा चलाने का हथियार बनाने वालों को आज शनमुगा की बातों को ध्यान से सुनना चाहिए. क्योंकि क्या पता जिस सस्ते DATA का इस्तेमाल बहुत सारे लोग नफरत फैलाने के लिए कर रहे हैं…वही सस्ता DATA आपको महान खोजकर्ता बना दे.

शनमुगा की मेहनत की वजह से Vikram Lander को 86 दिनों बाद..खोज निकाला गया. विक्रम Lander को 7 सितंबर की रात करीब ढाई बजे..चंद्रमा की सतह पर Land करना था. लेकिन Landing से सिर्फ11 मिनट पहले विक्रम का संपर्क ISRO के वैज्ञानिकों से टूट गया. ISRO  के Control And Command Centre के साथ साथ पूरे देश में निराशा छा गई थी.
 
SRO के चेयरमैन K SIVAN भावुक हो गए थे..और उनकी ये भावुक तस्वीरें पूरे देश ने देखी थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उस वक्त वहीं मौजूद थे और उन्होंने K.SIVAN की आंखों में आंसू देखकर उन्हें सांत्वना दी थी =. आंसू K SIVAN की आंखों में थे…लेकिन उदासी पूरे देश में छा गई थी और अब 86 दिनों के बाद लापता Vikram Lander का पता लग गया है. अगर विक्रम की Landing सफल रहती..तो भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर Land करने वाला दुनिया का पहला देश बन जाता.
 
Landing के बाद Vikarm से प्रज्ञान Rover को बाहर निकलना था. प्रज्ञान को चंद्रमा पर पूरा एक दिन बिताने के लिए Program किया गया था =. चंद्रमा का एक दिन पृथ्वी के 14 दिनों के बराबर होता है.  प्रज्ञान Rover के द्वारा ISRO के वैज्ञानिक चंद्रमा की सतह की जांच करना चाहते थे =. लेकिन 7 सितंबर की रात भारत का ये सपना टूट गया और चंद्रयान TWO अपने मिशन में पूरी तरह से कामयाब नहीं हो पाया.
 
शनमुगा ने Vikram Lander के मलबे को खोज निकाला है. वो भी तब..जब वो खुद एक अंतरिक्ष वैज्ञानिक नहीं हैं. लेकिन उन्हें विज्ञान में रुचि है. शनमुगा ने इस खोज के लिए करीब 16 दिनों तक हर दिन सात से आठ घंटे तस्वीरों की जांच की और उसके एक-एक Pixel को करीब से देखा.

लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे देश का युवा Internet का इस्तेमाल किन गतिविधियों में कर रहा है. आपको जानकर दुख होगा कि Internet पर अश्लील सामग्री देखने के मामले में भारत अमेरिका और ब्रिटेन के बाद तीसरे नंबर पर है. अश्लील Websites पर लगी पाबंदी के बावजूद भारतीय युवा लगातार Internet पर अश्लील साहित्य और सामग्री खोज रहे हैं. इनमें से ज्यादातर युवा 18 से 34 वर्ष के हैं. भारत में करीब 45 करोड़ लोग Internet का इस्तेमाल करते हैं. इनमें से 21 प्रतिशत युवा Social Media के लिए Internet का प्रयोग करते हैं. जबकि 16 प्रतिशत Videos देखने के लिए, 15 प्रतिशत जानकारियां जुटाने के लिए और 4 प्रतिशत उत्पादों की जानकारी के लिए Internet का इस्तेमाल करते हैं.

Mobile Apps का विश्लेषण करने वाली एक अमेरिकन कंपनी  App Annie के मुताबिक 2018 में भारतीयों ने 22 हज़ार करोड़ घंटे Android Mobile Applications का इस्तेमाल करते हुए बिताए थे. ये ढाई करोड़ वर्षों के बराबर है.

यानी भारत के लोग करोड़ों घंटे Internet पर बिता रहे हैं, लेकिन इनमें से बहुत कम लोग इस Technology का इस्तेमाल किसी अच्छे काम के लिए कर पा रहे हैं. Internet Usres की संख्या के मामले में भारत दुनिया में चीन के बाद दूसरे नंबर पर है और DATA इस्तेमाल करने के मामले में भारतीय पूरी दुनिया में पहले नंबर पर हैं. लेकिन नई खोज करने के मामले में भारतीयों की Ranking बहुत खराब है संयुक्त राष्ट्र की World Intellectual Property Organisation के मुताबिक Innovation के मामले में भारत 129 देशों में 52वें नंबर पर है.

भारत की 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम उम्र की है. यानी भारत एक ऐसा देश है, जिसके पास युवाओं का शक्तिपुंज है. लेकिन इनमें से ज्यादातर युवा वैज्ञानिक खोजें करने की बजाय अपना समय उद्देश्यहीन तरीके से  Internet Scroll करते हुए बिता रहे हैं.

आज की तारीख में DATA भले ही आटे से सस्ता हो..लेकिन जब तक ये DATA भारत की खोज और आविष्कार वाली भूख शांत नहीं करता. ये किसी काम का नहीं है. और आपको चेन्नई के शनमुगा से प्रेरणा लेकर इस DATA का इस्तेमाल अपने जीवन में सुखद बदलाव लाने के लिए करना चाहिए.
 
चांद पर विक्रम को तो ढूंढ लिया गया है. लेकिन पृथ्वी पर इंसानियत खोती जा रही है. अब हम आपको हैदराबाद की एक तस्वीर दिखाएंगे. 6 दिन पहले वहां एक महिला डॉक्टर की रेप के बाद हत्या कर दी गई, जिसके बाद से पूरा देश गुस्से में है. ये तस्वीर हैदराबाद के शादनगर इलाके की है. जहां शनिवार को शादनगर पुलिस स्टेशन के बाहर हज़ारों लोगों की भीड़ खड़ी थी और पुलिस स्टेशन के अंदर हैदराबाद रेप कांड के आरोपी मौजूद थे. भीड़ इस बात की मांग कर रही थी कि 5 मिनट के लिए आरोपियों को उनके हवाले कर दिया जाए. ये आम जनता है, जो तुरंत न्याय चाहती है. हमारे देश में कानून अपने तरीके से काम करता है, लेकिन तस्वीरें बता रही हैं कि लोगों को अब इंसाफ में देरी कबूल नहीं है.

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