B’day Special: भारतीय गेंदबाजों के लिए आज भी खौफ से कम नहीं है यह कंगारू बल्लेबाज

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नई दिल्ली: पिछले कुछ सालों में चाहे टी20 क्रिकेट के आगमन कह लें या फिर क्रिकेट के नए नियमों का कसूर, बल्लेबाज अब गेंदबाजों को आसानी से ठोक पीटने की क्षमता रखने लगे हैं. इस दौरान कई क्रिकेटर्स ऐसे बल्लेबाज ऐसे भी रहे जिन्होंने दुनिया भर में अपना नाम भी कमाया. ऐसे कुछ खिलाड़ियों में भारत के युवराज सिंह, एमएस धोनी, जैसे कई खिलाड़ी शामिल हैं. इस सूची में  एक नाम ऐसे है जो क्रिकेट की दुनिया में अपनी खास जगह रखता है. वह है ऑस्ट्रेलिया के ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल (Glenn Maxwell) का. 

भारत में जबर्दस्त फैन फॉलोइंग
मैक्सवेल भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए अजनबी नाम नहीं है. आईपीएल में मैक्सवेल अपनी खासी धाक जमा चुके हैं. मैदान के हर कोने में बड़ा शॉट खेल जाने की क्षमता मैक्सवेल को एक विलक्षण प्रतिभा वाला बल्लेबाज बनाती है. मैक्स ने अपने इस हुनर से बड़े बड़े मैचों के नतीजे ऐसे पलट कर रख दिए हैं कि वे दुनिया के हर तरह के गेंदबाज के लिए खौफ का दूसरा नाम बन चुके हैं. आज भी जब तक मैक्वेल आउट होकर पवेलियन वापस नहीं जाते उनकी विरोधी टीम चैन की सांस नहीं ले पाती. 

बेहतरीन टी20 और वनडे रिकॉर्ड
साल 2012 से अब तक 110 वनडे और 59 टी20 इंटरनेशनल मैच खेल चुके मैक्सवेल फटाफट क्रिकेट में एक जाना माना नाम हैं 100 वनडे पारियों में मैक्सवेल के नाम एक वनडे शतक और 19 हाफ सेंचुरियां हैं.  इनमें  वे 94 छक्के और 289 चौके लगा चुके हैं. वहीं 59 टी20 इंटरनेशनल में वे तीन शतक और छह हाफ सेंचुरी 78 छक्के और 126 चौके लगाकर कई मौकों पर खुद को एक बेमिसाल बल्लेबाज साबित कर चुके हैं. यह रिकॉर्ड एक मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज के लिए एक बेहतरीन रिकॉर्ड माना जाता है.

बेहतरीन ऑलराउंडर भी
इस रिकॉर्ड के बाद भी मैक्सवेल एक बल्लेबाज नहीं ऑलराउंडर के तौर पर जाने जाते हैं. वे वनडे में 50 और टी20 में 26 विकेट ले चुके हैं. वे वनडे में 65 और टी20 इंटरनेशनल में 30 कैच भी लपक चुके हैं. उन्हें भारत की पिचें और माहौल खास तौर पर रास आता है. 2017-18 में उन्हें ऑस्ट्रेलिया की टीम से बाहर कर दिया गया था. लेकिन इस साल बेंगलुरू में उन्होंने टी20 मैच में 55 गेंदों में तूफानी 113 रन ठोक कर तीसरा टी20 शतक लगाकर अपने आलोचकों के मुंह पर ताला लगाया था. 

यह खास पारी रही यादगार
मैक्सवेल के नाम विश्व कप इतिहास की दूसरी सबसे बड़ा शतक है. 2015 विश्व कप में उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ 51 गेंदों पर सेंचुरी ठोकी थी. केवल सात टेस्ट खेल सके मैक्सवेल के नाम घरेलू क्रिकेट में 278 रन की पारी है, लेकिन वे अभी तक अपने घरेलू मैदान पर एक भी टेस्ट नहीं खेल सके हैं. बिग बैश लीग में मेलबर्न स्टार्स की कप्तानी कर चुके मैक्सवेल ने 2019 के आईपीएल से खुद को हटा लिया था, जिससे वे इंग्लैंड में होने वाले विश्व कप और एशेज के लिए खुद को तैयार कर सकें. 

आईपीएल ने दिया भारत में नाम
आईपीएल में मैक्सवेल पिछले कुछ सालों से अपने उस फॉर्म में नहीं दिख सके जिसके लिए वे जाने जाते हैं. उन्होंने साल 2014 में शानदार प्रदर्शन किया था जिसके बाद वे भारतीय क्रिकेट फैंस के दिलों में बस गए थे. तब उन्होंने 187.75 के स्ट्राइक रेट से 16 मैचों में 552 रन बनाए थे जिसमें उन्होंने 48 चौके और 36 छक्के लगाए. लेकिन उसके बाद वे अपना यह प्रदर्शन दोहरा नहीं सके हां 2017 में उ्न्होंने बहुत अच्छा प्रदर्शन भी किया लेकिन वे नाजुक मौकों पर अपनी टीम के लिए काम न आ सके. 

हाल ही में मैक्सवेल ने विश्व कप से पहले भारत दौरे पर एक बार फिर शानदार प्रदर्शन किया था और एक अपनी टीम के लिए एक शानदार सेंचुरी भी लगाई थी. उनके नाम कई छोटी ऐसी पारियों हैं जिनमें उन्होंने मैच का रुख पलटकर अपनी टीम को जीत दिलाई है.

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