स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनने वाले शौचालयों के क्षेत्र सत्यापन की नहीं होगी जरूरत 

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    अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Updated Wed, 14 Aug 2019 03:51 AM IST

    हरदीप सिंह पुरी, केंद्रीय मंत्री

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    खास बातें

    • मोबाइल एप करेगा लाभार्थियों की राह आसान
    • एप पर अपलोड तस्वीरों से संतुष्ट होने पर जारी हो जाएगी लाभार्थियों को रकम
    • जनवरी-फरवरी में देश के सबसे स्वच्छ शहरी निकाय की रैंकिग जारी की जाएगी

    केंद्रीय आवास व शहरी कार्य मंत्रालय की योजनाओं के लाभार्थियों को सत्यापन के लिए अब अधिकारियों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। खासकर ऐसी योजनाओं के लिए, जिसमें कार्य की प्रगति के हिसाब से किश्तों में आर्थिक मदद जारी होती है। इसके लिए मंत्रालय ने एक मोबाइल एप विकसित किया है। इस पर तस्वीरें अपलोड करने से कार्य की प्रगति की अधिकारी अपने दफ्तर में बैठकर आकलन कर लेंगे। प्रगति संतोषजनक होने पर रकम जारी कर दी जाएगी।

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    केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एम-एसबीएम नाम से एनआईसी की तरफ से विकसित मोबाइल एप मंगलवार को लांच किया। इसके बादे में मंत्रालय सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाओं के लिए आर्थिक मदद किश्तों में जारी होती है। अभी तक पहली किश्त निर्माण शुरू होने पर मिल जाती है। बाकी के लिए काम पूरा होने का क्षेत्र सत्यापन अधिकारी करते हैं। प्रक्रिया को पूरा करने में कई बार देरी हो जाती है।

    दुर्गा शंकर मिश्र के मुताबिक, इस एप से अब क्षेत्र सत्यापन की जरूरत नहीं पड़ेगी। शौचालय तैयार होने के बाद लाभार्थी इसकी तस्वीरें मोबाइल एप पर अपलोड कर देगा। इसके बाद अधिकारी अपने दफ्तर से ही इसका सत्यापन कर लेगा। फिर, लाभार्थियों को रकम जारी कर दी जाएगी। यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहेगी। कोई शिकायत होने पर लाभार्थी एप के माध्यम से उसे भी दर्ज करा सकेगा। यही नहीं, इसके जरिए अपने आवेदनों का रीयल टाइम स्टेटस भी लाभार्थी देख सकेगा।

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