सरकार ने नहीं दी राहत, तो बंद हो जाएगी वोडाफोन आइडिया: केएम बिड़ला

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    अगर केंद्र सरकार ने दिग्गज टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया को राहत नहीं दी, तो यह कंपनी बंद हो सकती हैं। ऐसा कहना है आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन केएम बिड़ला का। ट्राई के 19 अक्तूबर को जारी किए गए डाटा के अनुसार वोडाफोन आइडिया के पास 37.5 करोड़ ग्राहक हैं। ऐसे में करोड़ों ग्राहकों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं वोडाफोन ने भी कहा था कि कारोबार को जारी रखने के लिए अब वह सरकारी राहत पर निर्भर है। कंपनी ने एक बयान में कहा था कि, ‘एजीआर के मसले पर कोर्ट के आदेश से उद्योग पर खासा असर पड़ा है।’ 

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    कंपनी को हुआ सबसे बड़ा तिमाही घाटा

    हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट में केएम बिड़ला ने ये बयान दिया। बता दें कि हाल ही में समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश के बाद से कंपनी को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसकी वजह से वोडाफोन आइडिया को दूसरी तिमाही में 50,921 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। इससे पहले पिछले साल की दूसरी तिमाही में कंपनी को 4,947 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। यह भारत के कॉर्पोरेट इतिहास में अभी तक का सबसे बड़ा तिमाही घाटा है। 

    दिवालिया हो सकती है कंपनी

    नतीजों की घोषणा से पहले भी आदित्य बिड़ला समूह ने इसपर बयान दिया था और कहा था कि अगर सरकार समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) को लेकर 39,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की देनदारी पर बड़ी राहत नहीं देती, तो वह कंपनी में और निवेश नहीं करेगी। ऐसे में वोडाफोन आइडिया दिवालिया हो जाएगी। बता दें कि अक्तूबर में एजीआर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया था। उसके बाद पहली बार आदित्य बिड़ला समूह के अधिकारियों ने कंपनी को दिवालिया घोषित करने के विकल्प पर सार्वजनिक बयान दिया था।

    सरकार से मांगा था राहत पैकेज

    वोडाफोन ने सरकार से स्पेक्ट्रम भुगतान के लिए दो साल का वक्त, लाइसेंस शुल्क में, सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ब्याज और जुर्माने में छूट सहित एक राहत पैकेज की मांग की थी। वोडाफोन दुनिया की दूसरी बड़ी मोबाइल ऑपरेटर है और स्पेन व इटली में सुधार के संकेतों से उसके राजस्व में लगातार सुधार हो रहा है। कैलेंडर वर्ष 2019 की पहली छमाही में उसके सेवा राजस्व में 0.3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। वहीं कंपनी ने मुश्किल दौर को देखते हुए पहली बार मई में अपने लाभांश में कटौती की थी। 

    स्पेक्ट्रम भुगतान दो साल के लिए टला

    इसके बाद कैबिनेट ने वित्तीय संकट से जूझ रही दूरसंचार कंपनियों को राहत देते हुए उनके लिए स्पेक्ट्रम किस्त का भुगतान दो साल के टालने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी थी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फैसले की जानकारी देते हुए कहा, दूरसंचार कंपनियों को 2020-21 और 2021-22 दो साल के लिए स्पेक्ट्रम किस्त भुगतान से छूट दी गई है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार के फैसले से दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया और रिलायंस जियो को 42,000 करोड़ रुपये की राहत मिलेगी।

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