विशेष बातचीत में बोले गोपाल रायः कांग्रेस से बातचीत से हारे लोकसभा चुनाव, अब तैयारी मुकम्मल 

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    दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनाव के एलान में अब बहुत वक्त नहीं है। आम आदमी पार्टी पूरी तरह से चुनावी मोड में है। पांच साल का पूरा लेखा-जोखा तैयार है। जनता के सामने आप सरकार अपने कार्यकाल में किए गए काम और केजरीवाल के चेहरे को लेकर जमीन बनाने में लगी है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री गोपाल राय ने चुनावी रणनीति और तैयारी पर अमर उजाला के आशीष तिवारी और संतोष कुमार से खुलकर बात की। पेश है बातचीत के अंश।

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    आप तैयार हैं चुनाव के लिए। दिल्ली चुनावी मोड में आ गई है। 
    पूरी तरह से तैयार हैं। वक्त पर चुनाव हो जाए। आप सरकार ने पांच साल दिल्ली की जनता की सेवा की है। उनको वह सब कुछ दिया है जिसकी उनको जरूरतें थी। 
    लेकिन विपक्षी सवाल उठाते हैं कि चुनाव के कुछ माह पहले आपने बिजली मुफ्त कर दी। बसों में महिलाओं के लिए सफर फ्री कर दिया। उनका आरोप हैं ये सब सियासी स्टंट है।  
    दिल्ली की जनता को सब पता है कि आप ने चुनाव जीतने के बाद पहली कैबिनेट में ही बिजली शुल्क हाफ और पानी का शुल्क माफ कर दिया था। आगे भी ऐसी ही दूसरी कई सुविधाएं दी गईं। रही बात अब काम तेज होने की तो हमारी ताकत ही छीन ली गई थी। कोर्ट ने जब ताकत वापस दी तो फिर से काम पर लग गए। 
    सवाल: भाजपा कह रही है कि उन्होंने दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित कराया।
    भाजपा को लग रहा था कि 370 हटाने से उनका चुनाव में काम चल जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हरियाणा के चुनाव में उन्होंने देख लिया। तब उन्होंने दिल्ली में बगैर सर्वे के यह कैबिनेट से पास करवा दिया। हम तो कहते हैं कि अब बस वह रजिस्ट्री करवा दें इन जमीनों की। 
    सवाल:  तो क्या हो नहीं पाएगी रजिस्ट्री ?  भाजपा तो कह रही है इस सत्र में इसको पास करवा कर रजिस्ट्री शुरू करवा देंगे। चालीस लाख से ज्यादा लोग इन कॉलोनी में रहते हैं। बहुत बड़ा वोट बैंक है। 
    तो ले लें वो इसका माइलेज, लेकिन फैसला तो जनता ही करेगी। हमें पता है यह सिर्फ झुनझुना है। जैसे शीला जी ने अपनी सरकार में प्रोविजन सर्टिफिकेट का एक कागज दिया था, वैसे ही यह ऑनलाइन नंबर दे रहे हैं। इससे आगे कुछ नहीं है यह। 
    सवाल: इन कॉलोनियों में पूर्वांचल के लोगों की संख्या ज्यादा है। दिल्ली के चुनाव में पूर्वांचली अहम भूमिका निभाते हैं। 
    हमारी पार्टी में भी पूर्वांचली नेतृत्व करते हैं। आज दिल्ली में हमारे 11 विधायक पूर्वांचल के ही हैं। रही बात भाजपा की, तो महाराष्ट्र और गुजरात में पूर्वांचली पर क्यों अत्याचार होता है। वहां तो वही वर्षों से राज कर रहे हैं। दरअसल भाजपा की वास्तविक पसंद कभी रहे ही नहीं पूर्वांचली। हमारी पार्टी सबको साथ लेकर चल रही है। 
    सवाल: लेकिन पिछले कुछ चुनावों के नतीजों पर नजर डालें तो पाएंगे कि आम आदमी पार्टी का ग्राफ गिरा है। लोकसभा के चुनावों में आप तीसरे नंबर पर पहुंच गए। 
    हां, आपका प्वाइंट ठीक है। हम तीसरे नंबर पर रहेंगे इसकी किसी को उम्मीद नहीं थी। चुनाव परिणामों के बाद हमने सभी चीजों को दुरुस्त कर लिया है। अब हम फिर मजबूत स्थिति में आ गए हैं। 
    सवाल:  क्यों तीसरे नंबर पर पहुंच गए थे। परिणामों के बाद आप लोगों ने निष्कर्ष तो निकाला ही होगा कुछ। क्या थीं खामियां। 
    एक तो हमने कांग्रेस पार्टी से बातचीत शुरू की। वह हमें नुकसान पहुंचा गया। लोगों को यह पसंद ही नहीं आया। दूसरी बात यह थी कि लोगों को पता था कि हम केंद्र में सरकार तो बना नहीं पाएंगे। ऐसे में हमें नुकसान हो गया। दरअसल दिल्ली के लोगों की आम आदमी पार्टी को लेकर अलग फीलिंग है। उनको पता है कि हम परंपरागत पार्टी नहीं हैं। 
    सवाल:  दिल्ली में चुनाव होने हैं और हरियाणा में चुनाव हो गए। आप प्रत्याशियों की जमानत तक जब्त हो गई। दिल्ली पर असर नहीं पड़ेगा इसका। 
    नहीं पड़ेगा। दरअसल हरियाणा में हमने टोकन चुनाव लड़ा था। संगठन के लोग इस चुनाव में सहभागिता चाहते थे। वहां के संगठन की स्वायत्तता थी, इसलिए चुनाव मैदान में उतरे। 
    सवाल:  अच्छा ये बताएं, विधानसभा चुनावों में आपकी लड़ाई किससे है और मुद्दे क्या होंगे चुनाव में। 
    दिल्ली में किसी से लड़ाई नहीं है। विपक्षी पार्टियां तो आपस में ही लड़ रही हैं। जनता ने मन बना लिया है कि आप को ही लाना है। इसलिए दिल्ली में तो सिर्फ एक ही नारा, काम चाहिए तो केजरीवाल चाहिए। रही बात मुद्दे की तो हमने बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, मोहल्ला क्लीनिक के साथ स्वास्थ्य व्यवस्था पर बहुत काम किया है। यह काम जनता को पता है। 
    सवाल:  आप क्या चाहते हैं कि भाजपा दिल्ली में सीएम का चेहरा सामने रखकर चुनाव लड़े या न लड़े। 
    देखिए ऐसा है, भाजपा में लीडरशिप का बहुत बड़ा संकट हैं। यही वजह है कि भाजपा में कोई चेहरा ही सीएम फेस के लिए नहीं है। भाजपा कब तक मुख्यमंत्री के चुनाव में प्रधानमंत्री का चेहरा लेकर चुनाव लड़ती रहेगी। कब तक एक चेहरा भुनाएंगे। लोगों को पता है कि मोदी पीएम हैं सीएम नहीं बनेंगे। 
    सवाल:  प्रदूषण नियंत्रण के लिए आप ने क्या किया। दिल्ली में जीना मुश्किल है। लोग परेशान हैं। आप पराली पर और विपक्ष आप पर निशाना साधते रहते हैं। ऐसे गंभीर मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। 
    देखिए, प्रदूषण पर भाजपा राजनीति कर रही है। हम कहते हैं पराली से प्रदूषण बढ़ता है। भाजपा वाले कहते हैं पराली से कहीं प्रदूषण फैलता है। फिर हम कहते हैं कि सम-विषम से दिल्ली में प्रदूषण कंट्रोल होगा। वो कहते हैं कि इससे प्रदूषण ही नहीं होता। मैं उनसे पूछता हूं कि वही बता दें कि आखिर प्रदूषण होता किससे हैं। पराली और वाहन तो वो प्रदूषण के कारण ही नहीं मानते। वो हमें कारण बता दें तो हम उसको भी दुरुस्त कर लें। दरअसल भाजपा इस गंभीर मुद्दे पर राजनीति कर रही है। हमने निर्बाध बिजली की आपूर्ति शुरू कर दी। लाखों जेनरेटर बंद हो गए। बहुत बड़े स्तर पर पौधरोपण करवाया। प्रदूषण कम हो गया। सरकारी आंकड़े यही कह रहे हैं।

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