विमान हादसा : ईरान के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में पांच देश, लंदन में करेंगे बैठक

    0
    4

    वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर Updated Mon, 13 Jan 2020 11:13 PM IST

    ईरान में हुआ विमान हादसा (फाइल फोटो) – फोटो : PTI

    ख़बर सुनें

    सार

    पांच देशों ने बैठक करने का फैसला लिया 
    16 जनवरी को लंदन में चर्चा करेंगे अपने नागरिकों को गंवाने वाले देश 
    यूकेन के अलावा कनाडा, स्वीडन और अफगानिस्तान के नाम सार्वजनिक 
    पांचवें देश के नाम का खुलासा अभी नहीं, मगर अटकलें ब्रिटेन को लेकर  

    विस्तार

    यूक्रेनी विमान को गिराने की गलती ईरान को काफी भारी पड़ सकती है। जिन पांच देशों के नागरिक इस विमान हादसे में मारे गए हैं, उन्होंने ईरान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का मन बना लिया है। इसके लिए वे गुरुवार को लंदन में बैठक करेंगे। 

    विज्ञापन

    यूकेन के विदेश मंत्री वाडिम प्रिस्तायको ने सिंगापुर में अपने आधिकारिक दौरे के दौरान यह जानकारी दी। बैठक में भाग लेने वाले देश मारे गए यात्रियों के परिजनों के लिए हर्जाने और घटना की जांच को लेकर चर्चा करेंगे। याद रहे कि पिछले हफ्ते बुधवार को ईरान की सेना ने गलती से एक यात्री विमान पर मिसाइल दाग दी थी, जिससे उसमें सवार सभी 176 लोगों की मौत हो गई थी। ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स के हवाले से यह खबर की है। 
     

    ईरान ने यूक्रेन इंटरनेशनल एयरलाइंस को सफाई दी है कि विमान संवेदनशील सैन्य क्षेत्र के पास से गुजर रहा था। इस पर प्रतिक्रिया जताते हुए प्रिस्तायको ने कहा, ‘बकवास। हमारा विमान बिल्कुल सही अंतरराष्ट्रीय रूट के तहत ही जा रहा था। कुछ भी असाधारण नहीं था। पायलट के आखिरी शब्द थे कि सब कुछ ठीक है और वह विमान को आटो पायलट पर डाल रहे हैं।’ 

    उन्होंने कहा, ‘मैंने मीडिया से जानकारी मिली कि हमारा विमान अलग रूट पर जा रहा था। हां ऐसा था क्योंकि मिसाइल उस पर हमला कर चुकी थी और वह खत्म हो चुका था।’ उन्होंने कहा कि तेहरान विमान का ब्लैक बॉक्स कीव को देने को तैयार हो गया है।

    पांच देशों में यूक्रेन के अलावा कनाडा, स्वीडन और अफगानिस्तान शामिल हैं। हालांकि पांचवें देश का नाम अभी पता नहीं चला है। कनाडा के करीब 57 नागरिक विमान में शामिल थे। मगर माना जा रहा है कि पांचवां देश ब्रिटेन हो सकता है। कनाडा ने भी पहले कहा था कि इन चार देशों और ब्रिटेन ने मृतकों के परिजनों का समर्थन करने के लिए एक समूह बनाया है। 

    विदेश मंत्री ने यह भी बताया कि ईरान ने सार्वजनिक रूप से अपनी गलती स्वीकारने से पहले यूक्रेन को इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी। उन्होंने कहा, ‘इस घटना में जो भी जिम्मेदार हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। अब हम यह नहीं चाहते कि सेना के किसी निचले स्तर पर यह आरोप मढ़ दिया जाए कि इसने बटन दबाया था, यही दोषी है। यह ईरानी सरकार की जिम्मेदारी है। हमें यह ढूंढना होगा कि किसने आदेश दिया और किसने बटन दबाया। सभी लोगों को सजा मिलनी चाहिए।’

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here