यदि आप ड्रोन रखते हैं तो 31 जनवरी तक करा लें रजिस्ट्रेशन; नहीं तो…

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नई दिल्ली: नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने देश में सभी मानवरहित विमान रखने वाले लोगों यानी (ड्रोन) ऑपरेटरों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं. मंत्रालय ने चेताया है कि अगर ड्रोन रखने वाले ऑपरेटरों ने 31 जनवरी तक अपने ड्रोन का रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया तो उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

मंत्रालय की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि देश में कई ड्रोन ऑपरेटर नागरिक उड़ान अनिवार्यताओं (CAR) का पालन नहीं कर रहे हैं. ऐसे में सिविल ड्रोन और ड्रोन संचालकों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए स्वैच्छिक प्रकटीकरण का अवसर दिया जा रहा है. ड्रोन ऑपरेटर अब 31 जनवरी 2020 तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा लें.

इस वेबसाइट पर कराएं रजिस्ट्रेशन
सभी ड्रोन ऑपरेटरों को मंगलवार (14 जनवरी) से शुरू होने वाले डिजिटल स्काई पोर्टल (http://digitalsky.dgca.gov.in/) पर अपना और अपने ड्रोन का रजिस्ट्रेशन कराना आवश्यक है.

OAN और DAN नंबर मिलेगा
इस प्रक्रिया को पूरा करने के बाद ड्रोन ऑपरेटरों को एक ऑपरेटर पावती नंबर (ओएएन) जारी किया जाएगा और ऑपरेटर के प्रोफाइल के तहत रजिस्टर्ड हर ड्रोन के लिए एक ड्रोन अभिग्रहण संख्या (डीएएन) जारी की जाएगी. हालांकि, DAN या OAN रखने से वर्तमान में भारत में ड्रोन को संचालित करने का कोई अधिकार नहीं है, जब तक वह नागरिक उड़ान अनिवार्यताओं (सीएआर) के प्रावधानों को पूरा नहीं करता है.

देश में 50-60 हजार ड्रोन
ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया में निदेशक-भागीदारी स्मित शाह ने कहा, “हम मानते हैं कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा उठाया गया ऐसा कदम भारत में मौजूदा ड्रोन की सटीक संख्या प्रदान करेगा. यह डेटा आदर्श रूप से भारत में ड्रोन संचालन के पैमाने को समझने और आगे के नीतिगत निर्णय लेने के लिए आधार बनना चाहिए. यह हिफाजत, सुरक्षा और जवाबदेही के उच्च मानकों को बनाए रखते हुए भविष्य में ड्रोन को आसानी से उड़ाने में सक्षम हो सकता है.”  फिक्की की रिपोर्ट की मानें तो भारत में तकरीबन 50 से 60 हजार ड्रोन हैं.

आईपीसी के तहत होगी कार्रवाई
31 जनवरी 2020 की समय सीमा के बाद भारत में एक वैध डीएएन या ओएएन के बिना ड्रोन को रखने वाले शख्स को भारतीय दंड संहिता (IPC) और सीएआर में वर्णित विमान अधिनियम के तहत कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा.

ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया के बारे में
ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया (DFI) एक गैर-सरकारी उद्योग की अगुवाई वाला निकाय है जो भारत में एक सुरक्षित और स्केलेबल मानव रहित विमानन उद्योग के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए प्रसायरत है. डीएफआई ने अपनी विशेषज्ञता साझा करने और भारत में एक स्थायी यूएवी उद्योग का निर्माण करने के लिए इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स, विजनरी और नीति निर्माताओं के साथ वचनबद्ध है.

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