महाबलीपुरम में पीएम मोदी और शी जिनपिंग की महामुलाकात, आतंक के खिलाफ मिलकर लड़ेंगे भारत-चीन

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    न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मामल्लापुरम Updated Sat, 12 Oct 2019 12:59 AM IST

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    • दो दिवसीय यात्रा पर भारत पहुंचे चीनी राष्ट्रपति, मोदी ने की अगवानी
    • पांच घंटे दोनों नेताओं ने बिताया साथ
    • डिनर के दौरान ढाई घंटे तक बातचीत
    • आज सीमा विवाद सहित कई मुद्दों पर चर्चा संभव
    एशिया की दो महाशक्तियों के शीर्ष नेताओं की तमिलनाडु के ऐतिहासिक शहर मामल्लापुरम (महाबलीपुरम) में शुक्रवार को महामुलाकात हुई। पीएम नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच पहले से तय अनौपचारिक मुलाकात में गर्मजोशी और आपसी विश्वास साफ दिखा।

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    डिनर के दौरान करीब ढाई घंटे की वन-टू-वन बातचीत में दोनों नेताओं ने बढ़ते आतंकवाद और कट्टरता को बड़ी चुनौती मानते हुए इसके खिलाफ साथ मिलकर काम करने पर सहमति जताई। इस दौरान दोनों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती देने तथा व्यापार सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। अब सबकी निगाह शनिवार सुबह होने वाली शिखर वार्ता पर है। जिसमें मुख्य फोकस सीमा विवाद सहित विवादित मुद्दों से आगे बढ़ने पर होगा।

    मुलाकात की जानकारी देते हुए विदेश सचिव विजय गोखले ने बताया कि चीनी राष्ट्रपति ने भारत यात्रा के पहले दिन पीएम मोदी के साथ करीब पांच घंटे का समय बिताया। ज्यादातर समय दोनों नेताओं ने अकेले में चर्चा की। गोखले ने बताया कि दोनों के बीच आर्थिक और व्यापारिक मुद्दों पर भी मंथन हुआ।

    इस बात पर भी विचार हुआ कि कैसे व्यापार को बढ़ाया जाए। चर्चा के दौरान मोदी ने व्यापार घाटे और असंतुलित व्यापार को सुधारने का भी मुद्दा उठाया। इससे पहले मोदी ने जिनपिंग की अगवानी की और एक घंटे तक उन्हें प्राचीन विरासत दिखाई। शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने के बाद दोनों नेताओं ने साथ डिनर किया।

    इस दौरान उनके बीच विभिन्न मुद्दों पर करीब ढाई घंटे बातचीत हुई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया, मोदी और जिनपिंग ने डिनर के बाद भारत-चीन की साझेदारी को मजबूत करने को लेकर विचारों का आदान-प्रदान जारी रखा। 

    व्यापारिक मुद्दों पर फिर हो सकती है बात

    कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाने के बाद चीन से संबंधों में उतार-चढ़ाव के बीच हो रही जिनपिंग की यह यात्रा काफी अहम है। भारत कश्मीर को लेकर कोई बात नहीं करना चाहता। चर्चा हुई तो भारत पाक के कब्जे वालेे कश्मीर पर ही बात करेगा। दोनों के बीच एक नवंबर को होने वाले क्षेत्रीय आर्थिक मुक्त व्यापार समझौते (आरसीईपी ), 5जी तकनीक पर बात हो सकती है। भारत हुआवे के लिए 5जी तकनीक के परीक्षण को तैयार हो सकता है। हालांकि इस मुलाकात के दौरान कोई करार नहीं होना है।
     

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