मतभेदों को विवाद नहीं बनने देंगे भारत चीन, जानिए मोदी-जिनपिंग मुलाकात की हर एक बात

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    न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 13 Oct 2019 03:20 AM IST

    चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी – फोटो : पीटीआई

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    खास बातें

    • मोदी-जिनपिंग के बीच बैठक में नहीं हुई कश्मीर मुद्दे पर बात
    • अगली शिखर वार्ता चीन में, जिनपिंग ने मोदी को दिया न्योता
    • व्यापार और निवेश में सहयोग के लिए बनेगा मंत्री स्तरीय तंत्र
    • आतंक से मिलकर लड़ने और व्यापार घाटा दूर करने सहमति
    अनौपचारिक शिखर वार्ता के दूसरे दिन ऐतिहासिक तटीय शहर में भारत-चीन के बीच आपसी सहयोग का नया अध्याय शुरू हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शनिवार को आतंकवाद सहित कई द्विपक्षीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान दोनों देश मतभेदों को विवेकपूर्ण ढंग से सुलझाने, एक दूसरे की चिंताओं के प्रति संवेदनशील रहने और उन्हें विवाद का रूप नहीं देने पर सहमत हुए। 

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    दो दिन में करीब सात घंटे की इस वन-टू-वन वार्ता के दौरान मुख्य मुद्दा द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और आपसी विश्वास और मजबूत करना रहा। व्यापारिक रिश्ते और निवेश बढ़ाने के लिए दोनों देशों के बीच मंत्रिस्तरीय तंत्र बनाने का फैसला हुआ। वहीं, भारत की कूटनीतिक सफलता यह रही कि इस दौरान कश्मीर मुद्दा नहीं उठा। 24 घंटे की भारत यात्रा के बाद जिनपिंग शनिवार दोपहर नेपाल के लिए रवाना हो गए।

    विदेश सचिव विजय गोखले ने बताया, दो दिनों में मोदी और जिनपिंग के बीच कई सत्रों में बातचीत हुई। वुहान शिखर सम्मेलन के बाद की प्रगति पर केंद्रित यह वार्ता खुले माहौल में सौहार्द्रपूर्ण रही। प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में पीएम मोदी ने कहा, चेन्नई कनेक्ट के जरिये दोनों देशों के बीच दोस्ती का नया युग शुरू होने जा रहा है। 

    गोखले ने बताया कि चीनी राष्ट्रपति ने शानदार मेहमाननवाजी के लिए आभार जताते हुए अगली अनौपचारिक शिखर वार्ता के लिए पीएम मोदी को चीन आने निमंत्रण दिया, जिसे पीएम ने स्वीकार कर लिया। इसका कार्यक्रम बाद में घोषित होगा। इससे पहले मोदी-जिनपिंग के बीच 90 मिनट की वन-टू-वन वार्ता हुई। दोनों नेताओं ने महसूस किया कि दोनों देशों को महत्वपूर्ण क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग करना चाहिए।

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