गरीबी क्या ना कराए! सब्जी की औकात नहीं तो, फूलों से ही चला रहे काम

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गुजर-बसर के लिए इन चाय श्रमिकों को चाय के बागान में मौजूद पेड़ों से फूल तोड़ कर उसकी सब्जी बनाकर खाते देखा गया. यह नजारा देखना तो हमारे लिए किसी तकलीफ से कम नहीं था और साथ ही मजदूरों को उम्मीद है की एक दिन सब्जियों के दाम कम हो जाएंगे, मगर ऐसा नहीं हुआ. 

गरीबी क्या ना कराए! सब्जी की औकात नहीं तो, फूलों से ही चला रहे काम

पश्चिम बंगाल में फूल की सब्जी खाने को मजबूर हैं श्रमिक.

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