खाना ही नहीं पाकिस्तान में रहना भी हुआ दुश्वार! आसमान पर पहुंची रेंटल प्रॉपर्टी

0
8

नई दिल्ली : पाकिस्तान की हालत लगातार बिगड़ रही है. कर्ज में डूब पाकिस्तान को महंगाई की दोहरी मार भी झेलनी पड़ रही है. भारत के कारोबारी रिश्ते खत्म होने की वजह से खाने की महंगाई ने पहले ही लोगों का जीना मुहाल किया था, अब पाकिस्तान में रहने के लिए लोगों को सोचना होगा. दरअसल, पाकिस्तान में इन दिनों प्रॉपर्टी के दामों में भारी इजााफा देखने को मिला है. सिर्फ नई प्रॉपर्टी ही नहीं बल्कि रेंटल प्रॉपर्टी के दाम भी आसमान छू रहे हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के पॉश इलाकों में एक महीने का किराया 57 हजार के पार निकल गया है. पिछले साल जून तक यह किराया 30 हजार के आसपास था. एक साल में रेंटल प्रॉपर्टी के दाम करीब दोगुने हो गए हैं.

महंगाई से जूझता पाकिस्तान
पाकिस्तान में महंगाई ने सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर डाला है, जो बाहरी इलाकों से आकर दूसरे शहरों में किराए पर रहते हैं. ज़मीन डॉट कॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस्लामाबाद के पॉश एरिया में किराए के मकानों के लिए काफी मारामारी है. पॉश इलाके के हिसाब से पहले ही किराया काफी मंहगा है. अब महंगाई बढ़ने के कारण दाम लगभग दोगुने हो गए हैं. वहीं, अगर छोटे इलाकों की बात करें तो वहां भी रेंटल प्रॉपर्टी का किराया 18 हजार से 24 हजार रुपए के बीच है.

कितनी बढ़ गई है कॉस्ट ऑफ लिविंग
पाकिस्तान में सिर्फ किराया ही नहीं बढ़ा है बल्कि कॉस्ट ऑफ लिविंग काफी बढ़ गई है. रेंटल प्रॉपर्टी के किराया बढ़ने के साथ ही दूसरे यूटिलिटी बिल भी काफी महंगे हो गए हैं. आइये एक नजर डालते हैं.

– पॉश इलाकों में 900 स्क्वायर फीट की प्रॉपर्टी में फर्निस्ड अपार्टमेंट का किराया 57729 पाकिस्तानी रुपया है.
– नॉन पॉश एरिया में 900 स्क्वायर फीट की प्रॉपर्टी में फर्निस्ड अपार्टमेंट का किराया 39,105 पाकिस्तानी रुपया है.
– 85m2 के फ्लैट में 1 महीने का यूटिलिटी बिल (इलेक्ट्रिसिटी, गैस) 2 लोगों के लिए 8,087 पाकिस्तानी रुपया है.- पॉश एरिया में 480 स्क्वायर फीट स्टूडियो अपार्टमेंट का किराया 49,671 पाकिस्तानी रुपया है.
– नॉन पॉश एरिया में 480 स्क्वायर फीट स्टूडियो अपार्टमेंट का किराया 29,445 पाकिस्तानी रुपया है.- स्टूडियो अपार्टमेंट में 1 महीने का बिल (इलेक्ट्रिसिटी, गैस) 1 आदमी के लिए 6,819 पाकिस्तानी रुपया है.
– 1 महीने के लिए इंटरनेट का बिल 8 Mbps स्पीड के साथ 2,570 पाकिस्तानी रुपया है.

महंगाई को रोकने में नाकाम
दरअसल, पाकिस्तान के केंद्रीय बैक, स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (SBP) ने बेंचमार्क ब्याज दरें को 12.25 फीसदी कर दिया है. बैंक ने अपने बयान में कहा कि महंगाई की ऊंची दर और रुपये में भारी गिरावट को देखते हुए यह बढ़त जरूरी है. पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में बढ़त दर भी नरम ही रहने का अनुमान है. ब्याज दरों में बढ़ोतरी होने से कई इंडस्ट्रीज पर बुरा असर पड़ा है. इंडस्ट्रीज ने कॉस्ट कटिंग के नाम पर लोगों को निकालना शुरू कर दिया है.

बढ़ रही है बेरोजगारी
पाकिस्तान सांख्यिकी ब्यूरो की तरफ से जारी महंगाई के आंकड़ों के मुताबिक, महंगाई बढ़ने से गरीबी रेखा में रहने वालों की संख्या में 40 लाख का और इजाफा हो जाएगा, जबकि इस साल दस लाख लोग और बेरोजगार हो जाएंगे. आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई दहाई अंक में पहुंचने और आर्थिक विकास की गति तीन प्रतिशत से नीचे रहने से देश मुद्रास्फीति जनित मंदी की जाल में फंस सकता है.

लगातार कमजोर होता रुपया
पाकिस्तान में महंगाई बढ़ने का सबसे बड़ा कारण पाकिस्तानी रुपया का कमजोर होना है. डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपया 160.87 पर पहुंच गया है. 1 साल पहले 16 अगस्त को पाकिस्तानी रुपये की डॉलर के सामने वैल्यू 123 रुपया थी. वहीं, पांच साल पहले ही बात करें तो 2014 में पाकिस्तानी करेंसी की वैल्यू 99 रुपया थी. 2006 की तुलना में देखें तो पाकिस्तानी रुपया करीब 250 फीसदी से ज्यादा कमजोर हो चुका है. 2006 में पाकिस्तानी रुपये की वैल्यू 59 रुपए थी.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here