कश्मीर के 99% इलाकों में हालात सामान्य, सोमवार से बहाल होगी पोस्टपेड मोबाइल फोन सेवा

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श्रीनगर: कश्मीर (Kashmir) के 99 इलाकों से प्रतिबंध हटा लिया गया है. जम्मू-कश्मीर सरकार (Jammu and Kashmir Government) ने कश्मीर में पोस्टपेड मोबाइल सेवाएं (Post paid Mobile Services) सोमवार दोपहर 12 बजे से शुरू करने की घोषणा की है. कश्मीर के लोगों ने नई घोषणा का स्वागत किया है. दो महीने से अधिक समय तक बंद रहने के बाद, जम्मू और कश्मीर प्रशासन ने सोमवार से कश्मीर में सभी पोस्टपेड मोबाइल सेवा बहाल करने का फैसला किया है.    

सरकार के प्रवक्ता रोहित कंसल ने संवाददाताओं से कहा, “सभी नेटवर्क के पोस्टपेड मोबाइल फोन सोमवार दोपहर 12 बजे से शुरू होंगे. सरकार ने यह निर्णय उच्च स्तरीय बैठक और लोगों की बढ़ती मांग को देखते हुए लिया. सरकार के इस कदम से राज्य में आने वाले पर्यटकों, छात्रों, कारोबारियों को मदद मिलेगी जो फोन कनेक्टिविटी की कमी से परेशान थे.”  

मोबाइल फोन को बहाल करने के कदम को राज्य में समानता को बहाल करने और लोगों को रहत देने के लिए एक बड़े कदम के रूप में भी देखा जा रहा है. 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 को रद्द कर दिया गया था. इस सप्ताह की शुरुआत में अधिकारियों ने पर्यटकों को भी राज्य छोड़ने की सलाह देते एक अडवाइज़री जो जारी की थी, उसको भी हटा दिया गया है.

कंसल ने कहा, “स्कूल जाते समय छात्र परिवार के संपर्क में अब रह सकते हैं, व्यवसायी ग्राहकों के संपर्क में रह सकते हैं, ट्रांसपोर्टर और पर्यटन व्यापारी अपने क्लाइंट से संपर्क कर सकते हैं और कश्मीर में जिंदगी सामान्य होने में यह बहुत मदद कर सकता है.”  

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सरकार के मुताबिक घाटी में शांति को भंग करने की कोशिश पाकिस्तान द्वारा समर्थित आतंकवादी संगठनों ने की. कंसल ने कहा कि विश्वसनीय इनपुट बड़े पैमाने पर आतंकवादी हमलों के प्राप्त हो रहे थे, जिससे घाटी में लोगों की जान सकती थी और शांति भंग हो सकती थी. लश्कर-ए-तैयबा, जैश- जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठनों पर ज़िम्मेदार ठहराया. इनपुट था कि इन आतंकवादी हमलों के पीछे न केवल जीवन और संपत्ति को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाना था बल्कि जम्मू-कश्मीर के लोगों में भय और आतंक का माहौल पैदा करना है. इसलिए घाटी में इस तरह के प्रतिबन्ध लगाए थे.  

सरकार के इस कदम को घाटी के लोगों ने स्वागत करते कहा कि इसे काफी राहत मिलेगी. खासकर छात्रों को इसका बड़ा लाभ होगा. हांलाकि अभी इंटरनेट सेवा बहाल करने पर कोई फैसला नहीं लिया गया है. केवल पर्यटन सथलों पर पर्यटन व्यापारियों को इंटरनेट सेवा दी जाएगी. 

5 अगस्त को केंद्र द्वारा जम्मू और कश्मीर में संचार सेवाओं को रोक दिया गया था. बाद में अधिकारियों ने कश्मीर में लैंडलाइन संचार बहाल कर दिया था. कश्मीर में कुल मोबाइल आधार 60 लाख से अधिक है. इनमें से 40 लाख के पास पोस्टपेड कनेक्शन है.

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