ऑटो सेक्टर में अभी और जाएंगी नौकरियां! पार्ट्स बनाने वाली कंपनियों को नहीं मिल रहे ऑर्डर

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खास बातें

  • ऑटो सेक्टर पर मंदी की मार
  • सूक्ष्म, लघु और मध्यम उपक्रम नहीं कर रहे नई भर्तियां
  • काम के घंटों में की कमी
  • कंपनियों के टर्नओवर में 14.5 फीसदी की गिरावट

ऑटो सेक्टर में छाई मंदी का असर अब दूसरे सेक्टर्स पर भी पड़ना शुरू हो गया है। यहां तक कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम कंपनियों पर इसकी आंच आनी शुरू हो गई है। ऑटो कंपनियों से उन्हें पार्ट्स के लिए समुचित ऑर्डर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे इनकी वित्तीय हालत पर भी खतरे के बादल मंडराने लगे हैं।

काम के घंटों में कमी

माइक्रो, स्माल और मीडियम एंटरप्राइजेज (एमएसएमई) कंपनियों ने भी ऑटो कंपनियों की तरह अपने काम के घंटों में कमी कर दी है। साथ ही इन कंपनियों ने नई भर्तियों पर रोक लगा दी है और अब वे लोगों से नौकरी से बाहर निकालने की तैयारी कर रहे हैं। मॉर्निंग स्टैंडर्ड में छपी न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक ऑटो इंडस्ट्री में छाई मंदी का नकारात्मक असर इस सेक्टर पर भी पड़ रहा है।

नहीं मिल रहा उधार

मशीन कास्टिंग, सीएनसी मशीन पार्ट्स, नॉड्यूलर कास्ट आयरन, स्टील फोर्जिंग की निर्माता गुड़गांव की सोलो मैन्यूफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड के एमडी संदीप किशोर जैन का कहना है कि इस सेक्टर पर दोहरी मार पड़ रही है। एक तो टियर-1 ऑरिजनल इक्विपमेंट्स निर्माता कंपनियों से ऑर्डर भी कम मिल पा रहे हैं, साथ ही उन्हें अब उधार भी नहीं मिल रहा है। उनका कहना है कि वित्त 2019 की पहली तिमाही में कंपोनेंट्स की बिक्री में 35 फीसदी की गिरावट आई है।

हालात में सुधार की गुंजाइश नहीं!

जबकि इस सेक्टर में पहले ये हालत थी कि मांग को पूरी करने के लिए वर्कर ओवरटाइम कर रहे थे, लेकिन अब काम काफी रह गया है। वहीं इस सेक्टर को आगामी त्यौहारी सीजन से भी कोई उम्मीद दिखाई नहीं दे रही है। जैन का कहना है कि अभी तक सेक्टर में सुधार के लिए कोई उदम नहीं उठाए गए हैं और उन्हें नहीं लगता है कि आगे हालात में सुधार आने वाला है।

मैनपावर में कमी करने की योजना

फरीदाबाद स्थित मेटल रॉड्स, इंडस्ट्रीयल शॉफ्ट, वाल्व गाइड्स और मेटल बुश बनाने वाली न्यूटेक इंटरप्राइजेज के सीईओ आदर्श कपूर का कहना है कि छोटे निर्माता अब नौकरियों में कटौती करने की बात कर रहे हैं। वह बताते हैं कि उनकी कंपनी भी मैनपावर में कमी करने की योजना बना रही है, जिससे तकरीबन 20 से 25 फीसदी लोगों की नौकरी जा सकती है। वह कहते हैं कि जब मांग ही नहीं है, इसलिए काम भी नहीं है।   

टर्नओवर में 14.5 फीसदी की गिरावट

कपूर बताते हैं कि पिछली दो तिमाही से लगातार उनकी फर्म में 25 से 30 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई। ऑटो कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन यानी ACMA के मुताबिक वित्त वर्ष 2019 में ऑटो कंपोनेंट्स निर्माता कंपनियों के टर्नओवर में 14.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

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